Sugar Price Hike: बिहार में चीनी की कीमतों में अचानक आयी तेजी के बीच राज्य सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. खुदरा बाजार में चीनी का भाव महज छह दिनों में 50 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. बढ़ती कीमतों को देखते हुए गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने व्यापारियों के स्टॉक की जांच और जमाखोरी मिलने पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है.
400 टन से अधिक चीनी मिली तो होगी प्राथमिकी
गन्ना उद्योग मंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यापारी के पास 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक पाया जाता है तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी. सरकार का यह कदम बाजार में कृत्रिम तरीके से चीनी की कमी पैदा कर कीमत बढ़ाने की कोशिशों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है.
मंत्री ने कहा कि राज्य की सभी चीनी मिलों में पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध है. ऐसे में बाजार में अचानक कीमत बढ़ने की स्थिति की जांच जरूरी है.
पांच जिलों में होगी स्टॉक की जांच
सरकार ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, समस्तीपुर और सीतामढ़ी के जिलाधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इन जिलों में संचालित चीनी मिलों के प्रबंधकों को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गये हैं.
स्टॉक की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए वरीय उप समाहर्ता और ईंख पदाधिकारी की संयुक्त टीम बनायी गयी है. यह टीम व्यापारियों और संबंधित प्रतिष्ठानों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन करेगी.
छह दिन में 20 रुपये किलो बढ़ा भाव
बिहार के खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों में पिछले छह दिनों में असामान्य तेजी देखने को मिली है. जहां करीब छह दिन पहले चीनी 50 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वहीं अब इसका भाव बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. यानी उपभोक्ताओं को एक किलो चीनी के लिए 20 रुपये तक अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं.
सरकार की कार्रवाई पर टिकी नजर
चीनी की कीमत बढ़ने से आम परिवारों के घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ रहा है. सरकार अब स्टॉक की जांच के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि बाजार में कीमतों में तेजी की वास्तविक वजह क्या है. जांच में जमाखोरी या कालाबाजारी सामने आने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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