कांटी में सुधा डेयरी के पानी से तबाही पर प्रशासन सख्त, किसानों को 40 साल का मुआवजा देने की मांग

कांटी में सुधा डेयरी के रसायनयुक्त पानी से पैदा हुई समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने दो समितियां गठित की हैं. 15 सितंबर से जल निकासी का काम शुरू होगा. विधायक अजीत कुमार ने किसानों को 40 साल का मुआवजा देने की मांग की है.

मुजफ्फरपुर सुधा डेयरी: कांटी प्रखंड स्थित सुधा डेयरी प्लांट से निकल रहे रसायनयुक्त दूषित पानी की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई. कांटी विधायक अजीत कुमार ने बैठक में स्थानीय लोगों और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया. इसके बाद आयुक्त ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिये. उन्होंने स्पष्ट कहा कि पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति लागू होगी.

कृषि भूमि और पेयजल पर खतरे की बात

आयुक्त ने कहा कि रसायनयुक्त पानी से कृषि भूमि प्रभावित हो रही है. वहीं, पेयजल में आर्सेनिक, क्लोराइड और फास्फेट जैसे तत्वों के मिलने से जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. उन्होंने कहा कि आम लोगों के जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

दो विशेष समितियां गठित

समस्या के समाधान के लिए दो समितियों का गठन किया गया है. डीडीसी की अध्यक्षता वाली समिति सुधा डेयरी से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली की जांच करेगी. पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता पानी के नमूने लेकर उसमें मौजूद हानिकारक रसायनों की जांच करेंगे.

वहीं, अपर समाहर्ता की अध्यक्षता वाली दूसरी समिति जल निकासी के लिए उपयुक्त जमीन का सर्वे करेगी और भूमि आवंटन से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी. दोनों समितियों में एनएचएआई, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पीएचइडी, रेलवे और सुधा डेयरी के अधिकारी शामिल किये गये हैं.

15 सितंबर से निर्माण शुरू कराने का निर्देश

आयुक्त ने दोनों समितियों को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि 15 सितंबर या नवरात्र पूजा से पहले जल निकासी के लिए जरूरी संरचनाओं का निर्माण हर हाल में शुरू कराया जायेगा. सुधा डेयरी के प्रबंध निदेशक को ट्रीटेड पानी के भंडारण के लिए तालाब विकसित करने और बिना प्रसंस्करण के एक बूंद पानी भी बाहर नहीं निकालने की हिदायत दी गयी है.

किसानों को 40 साल का मुआवजा देने की मांग

कांटी विधायक अजीत कुमार ने पिछले 40 वर्षों से निजी जमीन पर गंदा पानी गिराये जाने से प्रभावित किसानों को 40 साल का मुआवजा देने की मांग की. उन्होंने कहा कि सुधा डेयरी को अपनी जमीन पर पोखर और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट विकसित करना चाहिए. पानी को पूरी तरह साफ करने के बाद ही उसे पाइपलाइन के जरिये खेतों में छोड़ा जाये. पाइपलाइन, पोखर, ट्रीटमेंट प्लांट और जल निकासी से जुड़ा पूरा खर्च सुधा डेयरी को वहन करने की मांग भी रखी गयी.

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By Premanshu shekhar

I have 16 years of journalism experience, working as a Bureau Chief at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on crime,political, social, and current topics.I have experience covering assembly and parliamentary elections reporting.
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