Smart City BUIDCO corruption: मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत बुडको (BUIDCO) द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं में व्यापक वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है. इस मामले को लेकर अमर शहीद बैकुंठ शुक्ल स्मृति समारोह समिति के संस्थापक सचिव सह अधिवक्ता अरुण कुमार शुक्ला ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने जिलाधिकारी (DM), बुडको के प्रबंध निदेशक (MD) और नगर आयुक्त सहित सभी संबंधित अधिकारियों को विधिक (लीगल) नोटिस भेजा है.
जिला समन्वय समिति की बैठक में भी उठा था मुद्दा
अधिवक्ता अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि सांसद डॉ. राजभूषण निषाद की अध्यक्षता में 19 नवंबर 2025 को जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई थी. इस बैठक में भी स्मार्ट सिटी की इन गंभीर गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से उठा था, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
इन बड़ी योजनाओं और गड़बड़ियों का नोटिस में है जिक्र
लीगल नोटिस में स्मार्ट सिटी और बुडको की कई महत्वपूर्ण योजनाओं में करोड़ों रुपये की हेराफेरी और घटिया काम के गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
- बैकुंठ शुक्ल बस स्टैंड: करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी यहां बेहद घटिया निर्माण कार्य कराया गया है. अधिकारियों ने दोषी एजेंसी पर सिर्फ 10 लाख रुपये का मामूली जुर्माना लगाकर पूरे मामले पर लीपापोती करने की कोशिश की.
- सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP): तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी इसका काम अधूरा पड़ा है और इसके निर्धारित बजट का भारी दुरुपयोग किया गया है.
- नल-जल योजना: इस योजना के तहत बेहद घटिया क्वालिटी के पाइप इस्तेमाल किए गए हैं, जिसके कारण लगातार लीकेज की समस्या बनी रहती है.
- मरीन ड्राइव और कागजी पोखर: कागजी पोखर सौंदर्यीकरण में भारी गड़बड़ी की गई है, वहीं दूसरी तरफ शहर का मरीन ड्राइव पहली ही बारिश की मार नहीं झेल सका और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
- अस्थाई शौचालय व गोलंबर: अस्थाई शौचालयों की खरीद में बड़ा घोटाला सामने आया है. इसके अलावा, शहर के गोलंबरों के सौंदर्यीकरण का काम बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के ही मनमाने ढंग से करा दिया गया.
- पेड़ों की कटाई व कचरा प्लांट:नियमों को ताक पर रखकर बिना सक्षम अनुमति के हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया. वहीं, मधुबन रौतीनिया स्थित कचरा प्लांट पूरी तरह से निष्क्रिय और बंद पड़ा है.
15 दिनों का अल्टीमेटम, नहीं तो हाईकोर्ट में पीआईएल (PIL)
अमर शहीद बैकुंठ शुक्ल स्मृति समारोह समिति ने प्रशासन और बुडको प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि इस लीगल नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर पूरे मामले की एसआईटी (SIT) जांच शुरू नहीं की गई, तो वे इस महाघोटाले के खिलाफ पटना उच्च न्यायालय (Patna High Court) में एक जनहित याचिका (PIL) दायर करेंगे.
