Shahar Mein Aaj: मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध गरीबनाथ मंदिर में रविवार (24 मई) की सुबह से ही शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह 5 बजे मंदिर के गर्भगृह के कपाट खुलते ही जलाभिषेक के लिए भक्तों का तांता लग गया. पूरे दिन बाबा के दर्शन, पूजन और आरती का दौर चलता रहा.
1. मंगला आरती और बाबा का अलौकिक शृंगार
- विधिवत पूजा: सबसे पहले सेवइत परिवार के पं. बच्चा पाठक ने बाबा गरीबनाथ की विधिवत ‘षोडशोपचार पूजा’ संपन्न कराई.
- भव्य शृंगार: इसके बाद बाबा को गेंदा, गुलाब के फूलों और बेलपत्र से बेहद खूबसूरती के साथ सजाया गया.
- आरती और दर्शन: शृंगार पूर्ण होने के बाद थाली में दीप प्रज्वलित कर बाबा की मंगला आरती की गई. गर्भगृह के बाहर खड़े भक्तों ने इस अलौकिक शृंगार और भव्य आरती के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया.
2. जलाभिषेक और सत्यनारायण कथा
मंगला आरती के तुरंत बाद जलाभिषेक के लिए गर्भगृह का द्वार आम भक्तों के लिए खोल दिया गया. ‘बाबा गरीबनाथ की जय’ के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं ने आस्थापूर्वक जलाभिषेक शुरू किया.
- कई परिवारों ने बाबा को फूल, मिठाई और बेलपत्र अर्पित कर विशेष पूजा की.
- गर्भगृह के बाहर मंदिर परिसर में पुरोहितों द्वारा कई परिवारों को सत्यनारायण भगवान की कथा भी श्रवण कराई गई.
3. दिनभर का पूजा और आरती का पूरा शेड्यूल
- दोपहर का विश्राम: दोपहर 2:30 बजे प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक द्वारा बाबा की पूजा-शृंगार और आरती की जाएगी, जिसके बाद शयन के लिए गर्भगृह बंद कर दिया जाएगा.
- शाम के दर्शन: भक्तों के दर्शन और पूजन के लिए शाम 4:00 बजे गर्भगृह के कपाट फिर से खोले जाएंगे.
- रात्रिकालीन आरती: रात 9:30 बजे सेवइत परिवार के पं. बैजू पाठक और पं. आशुतोष पाठक द्वारा बाबा की विशेष पूजा कर फूलों से शृंगार किया जाएगा. अंत में प्रधान आरती के बाद गर्भगृह के कपाट अगले दिन के लिए बंद कर दिए जाएंगे.
