बुखार-खांसी को हल्के में न लें, बच्चों और सांस के मरीजों में बढ़ सकता है फ्लू का खतरा

मौसम में बदलाव के साथ मौसमी फ्लू का असर बढ़ता जा रहा है. ओपीडी में 40% मरीज फ्लू के लक्षण लेकर पहुंच रहे हैं. बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर. मौसम में बदलाव के साथ मौसमी फ्लू का असर बढ़ता दिख रहा है. बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहने और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर मरीज ओपीडी पहुंच रहे हैं. शनिवार के मेडिसिन ओपीडी में 100 मरीजों में करीब 40 मरीज मौसमी इन्फ्लुएंजा से संबंधित बताये गये. चिकित्सकों के अनुसार संक्रमण किसी को भी हो सकता है, लेकिन बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से सांस या अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों में जटिलता का जोखिम अधिक रहता है.

ओपीडी में 40% मरीज मौसमी इन्फ्लुएंजा के

शनिवार को मेडिसिन विभाग की ओपीडी में बुखार, खांसी, गले में खराश और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे. इनमें करीब 40 फीसदी मरीजों में मौसमी इन्फ्लुएंजा से जुड़े लक्षण बताये गये.

डॉ. एसके पांडे के अनुसार मौसमी इन्फ्लुएंजा मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है. संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने के दौरान निकलने वाली श्वसन बूंदों के माध्यम से संक्रमण फैल सकता है.

बुजुर्ग और बच्चों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत

संक्रमण किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में गंभीर बीमारी का जोखिम अधिक रहता है. इनमें बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, अस्थमा और सीओपीडी जैसे क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिजीज वाले मरीज शामिल हैं.

इसके अलावा हृदय रोग, मधुमेह, किडनी या लीवर की बीमारी वाले मरीज और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को भी फ्लू जैसे लक्षण आने पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.

बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें

डॉ. एसके पांडे के अनुसार फ्लू जैसे लक्षण होने पर मरीजों को बीमारी को हल्के में नहीं लेना चाहिए और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए. केवल टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर बिना चिकित्सकीय सलाह के उपचार शुरू करना उचित नहीं है.

उन्होंने बताया कि एंटीबायोटिक दवाएं वायरस के खिलाफ प्रभावी नहीं होती हैं. कुछ मरीजों, विशेषकर गंभीर बीमारी या उच्च जोखिम वाले मरीजों में डॉक्टर एंटीवायरल दवाओं की सलाह दे सकते हैं.

अचानक शुरू हो सकते हैं फ्लू के लक्षण

मौसमी इन्फ्लुएंजा के लक्षण अचानक शुरू हो सकते हैं. इनमें तेज या मध्यम बुखार, सूखी या लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, मांसपेशियों और शरीर में दर्द, अत्यधिक थकान व कमजोरी और ठंड लगना प्रमुख हैं.

कुछ मरीजों में उल्टी या दस्त की समस्या भी हो सकती है. सामान्य फ्लू के अधिकांश मरीज कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचकर वायरल निमोनिया और सांस संबंधी गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है.

सांस फूलना और सीने में दर्द गंभीर संकेत

चिकित्सकों के अनुसार सांस फूलना, सांस लेने में अत्यधिक परेशानी, सीने में दर्द, लगातार या बिगड़ता हुआ बुखार, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम या बेहोशी, होंठ या चेहरे का नीला पड़ना तथा ऑक्सीजन स्तर में कमी गंभीर बीमारी के चेतावनी संकेत हो सकते हैं.

ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए.

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लेखक के बारे में

By कुमार दीपू

स्वास्थ्य, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर दीपू रिपोर्टिंग करते हैं. इन्हें पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है.

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