Muzaffarpur School News: मुजफ्फरपुर जिले के राजकीयकृत यदुनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय, बाघी में पदस्थापित विद्यालय सहायक (क्लर्क) सुमन कुमार की कार्यशैली, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता का मामला अब तूल पकड़ चुका है. विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या मधुरिमा कुमारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को विस्तृत शिकायती पत्र भेजकर सहायक के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और उनका तबादला अन्यत्र करने की मांग की है. प्राचार्या की इस पहल का विद्यालय के करीब एक दर्जन शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी संयुक्त हस्ताक्षर कर समर्थन किया है.
कार्यालय टेबल पर जूते पहनकर सोने का वीडियो वायरल
यह विवाद उस समय और गहरा गया जब विद्यालय सहायक की अनुशासनहीनता से जुड़ी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वायरल तस्वीर में क्लर्क सुमन कुमार कार्यालय कक्ष के भीतर मेज पर जूते पहने पैर फैलाकर सोते हुए अभद्र स्थिति में दिखाई दे रहे हैं. इस अशोभनीय कृत्य को लेकर शैक्षणिक गलियारों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और प्रशासनिक मर्यादा पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
बिना सूचना अनुपस्थिति और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
डीईओ को प्रेषित पत्र में प्रभारी प्राचार्या ने आरोप लगाया है कि 8 जुलाई 2022 से कार्यरत सुमन कुमार कार्यालयीन दायित्वों का समय पर निर्वहन नहीं करते हैं. वे बिना पूर्व सूचना के अक्सर ड्यूटी से नदारद रहते हैं. इसके अलावा कार्य अवधि के दौरान कार्यालय में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगाए रखते हैं, जिसके चलते स्कूल का शैक्षणिक वातावरण पूरी तरह दूषित हो रहा है.
महिला प्राचार्या ने जताई असुरक्षा, शिक्षण कार्य प्रभावित
प्राचार्या ने आवेदन में विशेष रूप से उल्लेख किया है कि एक महिला संस्था प्रधान होने के नाते वे विद्यालय में खुद को असहज और असुरक्षित महसूस करती हैं. पूर्व में स्पष्टीकरण मांगे जाने के बावजूद सहायक के आचरण में कोई सकारात्मक सुधार नहीं आया. विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि क्लर्क के अड़ियल रवैये से प्रशासनिक कामकाज ठप है और छात्रों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.
डीईओ से तत्काल तबादले और कार्रवाई की गुहार
शिक्षकों और प्राचार्या ने जिला शिक्षा प्रशासन से मांग की है कि मामले की अविलंब जांच कराकर दोषी कर्मी पर सख्त कार्रवाई की जाए. पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि जब तक क्लर्क को हटाया नहीं जाता, तब तक विद्यालय का शैक्षणिक माहौल सामान्य होना कठिन है.
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