Muzaffarpur Cyber Fraud: डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के शातिर अपराधियों ने मुजफ्फरपुर में एक ऐसी ठगी की पटकथा लिखी है, जिसे सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए हैं. लंगट सिंह (एलएस) कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के 73 वर्षीय सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार को निशाना बनाकर शातिरों ने पलक झपकते ही उनके बैंक खाते से 4 लाख 50 हजार रुपये का डाका डाल दिया.
आईजीएल गैस कनेक्शन कटने का एक झूठा डर, आईफोन से सिम निकालकर एंड्रॉइड में डालने का खतरनाक पैंतरा और महज 10 रुपये की ऑनलाइन फीस... ठगों का यह खेल इतना सटीक और खौफनाक था कि जब तक प्रोफेसर को अहसास होता, तब तक उनकी जीवन भर की कमाई और पिछले 3 महीने की पूरी पेंशन गायब हो चुकी थी.
मैसेज भेजकर गैस कनेक्शन काटने का दिया झांसा
पीड़ित डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, उनके मोबाइल पर आईजीएल गैस कनेक्शन कटने का मैसेज आया था. समस्या निवारण के लिए एक नंबर दिया गया था. कनेक्शन कटने के डर से जब उन्होंने कॉल किया, तो ठग ने व्हाट्सएप पर प्रक्रिया पूरी करने को कहा. शातिर ने बहाना बनाया कि आईफोन मैसेज रिसीव नहीं कर रहा है, इसलिए सिम निकालकर किसी एंड्रॉइड फोन में लगाएं. प्रोफेसर ने झांसे में आकर निर्देशों का पालन किया.
10 रुपये के ऑनलाइन ट्रांसफर के नाम पर फर्जीवाड़ा
ठग ने शिकायत दर्ज करने के नाम पर केवल 10 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने को कहा. भुगतान विवरण दर्ज करते ही लेन-देन अधूरा रहा और ठग उन्हें कॉल पर रोके रहा. संदेह होने पर जब प्रोफेसर ने कॉल काटी और नेट बैंकिंग का पासवर्ड बदलने की कोशिश की, तो अकाउंट डिसेबल हो गया.
तीन महीने की पेंशन की रकम साफ
नेट बैंकिंग ब्लॉक होने के दौरान ही ठगों ने उनके भारतीय स्टेट बैंक खाते से 4,50,000 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए. अगले दिन बैंक जाने पर धोखाधड़ी का पता चला. यह राशि उनके तीन महीने की पेंशन की थी. फिलहाल साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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