कृषि में नैनो प्रौद्योगिकी घटा रही रसायन पर निर्भरता

कृषि में नैनो प्रौद्योगिकी घटा रही रसायन पर निर्भरता

फोटो : दीपक

एमपी सिन्हा साइंस कॉलेज में हुआ व्याख्यान

वक्ता बोले, कृषि को रसायनमुक्त करना होगा

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

एमपी सिन्हा साइंस कॉलेज के रिसर्च डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी सेल ने व्याख्यान कराया. इसका विषय ग्रीन नैनो टेक्नोलॉजी इन प्लांट हेल्थ : फूड सिक्युरिटी एंड सस्टेनेबल एग्रीकल्चर रखा गया था. मुख्य वक्ता कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी यूएसए के पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च एसोसिएट डॉ विवेक कुमार रहे. कहा कि ग्रीन नैनो-प्रौद्योगिकी आधुनिक कृषि की समस्याओं का स्थायी व पर्यावरण अनुकूल समाधान प्रस्तुत करती है. उन्होंने नैनो उर्वरकों, नैनो-कीटनाशकों व नैनो-सेंसरों के वैज्ञानिक व व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से चर्चा की. बताया कि यह तकनीक पौधों के स्वास्थ्य, मृदा की गुणवत्ता, जल संरक्षण व उत्पादन वृद्धि में अहम भूमिका निभा सकती है. साथ ही कृषि को रसायन मुक्त व टिकाऊ बनाने की दिशा में कारगर हो सकती है.

सवाल-जवाब भी किये गये

कॉलेज के प्राचार्य प्रो नलिन विलोचन ने कहा कि विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में नैनो-टेक्नोलॉजी उन्नत व वैश्विक स्तर की जानकारी छात्रों और शिक्षकों के लिए जरूरी है. डॉ संदीप प्रसाद ने संचालन किया. प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने विषयवस्तु को लेकर जिज्ञासाएं प्रकट कीं. धन्यवाद ज्ञापन आरडीसी सेल के कन्वेनर डॉ एजाज अनवर ने किया. कार्यक्रम में डॉ मुखलाल राय, डॉ आलोक रंजन त्रिपाठी, डॉ आशुतोष, डॉ भरत भूषण, डॉ अमित साह, डॉ अजय, डॉ हिमांशु शेखर सिंह, डॉ कौसर अली, डॉ राघव मनी, डॉ दीपक, डॉ सुनील मिश्रा, डॉ अरविंद सिंह, डॉ नवीन, डॉ रंजीत, डॉ कुमार अभिनेश, डॉ रुचिता, डॉ अंजना, डॉ इंदिरा, डॉ राजीव, राजीव रंजन, राजीव, राम विलास, सुबोध, मुकेश, मीरा, अंशु समेत अन्य मौजूद थे.

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