Motipur Couple Suicide: जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र स्थित नरियार गांव में एक ऐसा हृदयविदारक हादसा हुआ. जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. महज तीन महीने पहले सात फेरे लेकर एक-दूसरे का हाथ थामने वाले नवविवाहित जोड़े ने गृहकलह के चक्रव्यूह में फंसकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. एक ही घर में अलग-अलग कमरों से जब दोनों के बेजान जिस्म फंदे से लटके मिले. तो देखने वालों का कलेजा कांप उठा. सूचना मिलते ही पहुंची मोतीपुर पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच (SKMCH) भेज दिया है. वहीं एफएसएल (FSL) की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य इकट्ठा किए हैं.
आंखों में सजने थे ढेरों सपने, पर तीन माह में ही टूट गईं सांसों की डोरियां
कहते हैं शादी के बाद शुरुआती दिन सुनहरे सपनों और खुशियों से भरे होते हैं. नरियार गांव निवासी अनिल सहनी ने अपनी बेटी अंजलि की शादी बड़े ही अरमानों के साथ तीन माह पूर्व सिवाईपट्टी के हरसेर गांव निवासी विजय कुमार के साथ की थी. शादी के बाद अंजलि पहली बार अपने बाबुल के घर (मायके) आई थी और शनिवार को उसका पति विजय भी प्यार से उससे मिलने ससुराल पहुंचा था. किसी ने सोचा भी नहीं था कि खुशियों से भरा यह मिलन इतनी जल्दी मातम में बदल जाएगा.
पहले पत्नी ने लगाया फंदा, फिर पति ने भी जहर खाकर दे दी जान
रविवार की शाम न जाने किस मनहूस घड़ी में दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. बात इतनी बढ़ी कि अंजलि ने आव देखा न ताव और घर के अंदर बांस के सहारे साड़ी का फंदा बनाकर अपनी जान दे दी. जब विजय ने अपनी जीवनसंगिनी को बेजान लटकते देखा. तो उसका हौसला टूट गया. पत्नी के जाने के गम और जुदाई के दर्द में उसने पहले जहर निगला और फिर खुद भी फंदे से झूल गया. पल भर के गुस्से और कलह ने दो हंसते-खेलते परिवारों को जिंदगी भर का कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया.
रो-रोकर बेहाल हुए अपने, पुलिस तलाश रही मौत का सच
घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. एक तरफ जहां लड़के पक्ष के लोग इसे साजिश बताते हुए हत्या की आशंका जता रहे हैं. वहीं पुलिस प्राथमिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला मान रही है. मोतीपुर थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही इस दर्दनाक दास्तान के कड़वे सच से पर्दा उठ सकेगा.
ये भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर राजद में भारी हड़कंप, महिला अध्यक्ष समेत 4 नेताओं की प्राथमिक सदस्यता रद्द
