Police Wireless Upgrade: हाईटेक हुआ पुलिस का नेटवर्क, अब 120 फीट ऊंचे टावर से गूंजेगी ‘क्रिस्टल क्लियर’ आवाज

Police Wireless Upgrade: मुजफ्फरपुर जिले के समाहरणालय में 120 फीट ऊंचा नया वायरलेस टावर लगाया गया है, जिससे शहरी थानों और 25 किलोमीटर के दायरे में पुलिस को क्रिस्टल क्लियर वॉइस कनेक्टिविटी मिलेगी.

मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट

Police Wireless Upgrade: समाहरणालय परिसर स्थित पीआइआर (पब्लिक इंटरफेस रिस्पांस) में 120 फीट ऊंचा नया हाईटेक वायरलेस टावर स्थापित किया गया है. अब तक जिला पुलिस महज 52 फीट ऊंचे पुराने टावर के सहारे ही वायरलेस संदेशों का आदान-प्रदान करने को मजबूर थी, जिससे सिग्नल्स में अक्सर गंभीर तकनीकी बाधाएं आती थीं. अब टावर की ऊंचाई बढ़ने से पुलिस का सूचना तंत्र पहले से कहीं अधिक तीव्र और स्पष्ट हो जाएगा. इसके जरिए वरीय पदाधिकारियों के आदेशों और निर्देशों को त्वरित गति से सभी थानेदारों व गश्ती टीमों तक स्पष्ट रूप से पहुंचाया जा सकेगा. इसी आधुनिक योजना के तहत जिले के सभी 42 थानों और ओपी में हाल ही में मोटोरोला कंपनी के नए डिजिटल वायरलेस सेट भी इंस्टॉल किए गए हैं. साथ ही, मोतीझील स्थित पुराने नगर थाना भवन परिसर में जिला संचार का एक अत्याधुनिक भवन बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है.

अब नहीं खलेगी डेड जोन की समस्या

पुराने टावर की ऊंचाई बेहद कम होने के कारण शहर की ऊंची इमारतों और घने पेड़ों की वजह से नेटवर्क सिग्नल्स में भारी बाधा पैदा होती थी. कई बार आपातकालीन स्थितियों में कंट्रोल रूम से जारी जरूरी संदेश थानों या गश्ती वाहनों तक स्पष्ट रूप से नहीं पहुंच पाते थे. लेकिन 120 फीट ऊंचे इस नए टावर के क्रियाशील होने से अब पूरे शहरी थानों और उसके आसपास के करीब 25 किलोमीटर के दायरे में पुलिसकर्मियों को क्रिस्टल क्लियर वॉइस कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे न केवल अतिसंवेदनशील सूचनाएं तेजी से प्रसारित होंगी, बल्कि पुलिसिंग के रास्ते में आने वाली डेड जोन की समस्या भी जड़ से खत्म हो जाएगी.

क्विक रिस्पांस और आपातकालीन सुरक्षा में आएगी तेजी

वायरलेस पुलिसिंग का वह सबसे भरोसेमंद माध्यम है, जो इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह फेल होने पर भी संकट के समय पुलिस का साथ देता है. टावर के हाईटेक होने से अब किसी भी आपातकालीन स्थिति में कमांड सेंटर से मिलने वाले निर्देश तुरंत फील्ड में प्रभावी होंगे. अपराधियों की घेराबंदी करनी हो, लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति संभालनी हो या वीआइपी सुरक्षा का जिम्मा, हर मोर्चे पर मुजफ्फरपुर पुलिस का रियल टाइम कम्युनिकेशन अब 24 घंटे पूरी तरह अभेद्य रहेगा.

ग्रामीण इलाकों में पहले से काम कर रहा है वीएचएफ टावर

जिले के सुदूर ग्रामीण व सीमावर्ती थानों में सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए मोतीझील स्थित वीएचएफ (VHF) कार्यालय में पांच साल पहले ही 120 फीट का टावर लगाया जा चुका है. इसकी मदद से जिले के अंतिम बॉर्डर पर स्थित देवरिया, साहेबगंज, सिवाईपट्टी, औराई, बेनीबाद, कटरा, बरियारपुर, सकरा, सरैया, जैतपुर और फकुली थानों तक सभी सरकारी संदेशों और सूचनाओं का आदान-प्रदान वायरलेस के माध्यम से बेहद स्मार्ट तरीके से किया जा रहा है. अब शहरी क्षेत्र भी इस मजबूत नेटवर्क से जुड़ गया है.

त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर तालमेल का नया युग

“पुलिसिंग में एक-एक सेकंड की बहुत बड़ी अहमियत होती है. वायरलेस संदेशों की आवाज में स्पष्टता आने से फील्ड में तैनात जवानों और अधिकारियों का आपसी तालमेल पहले से काफी बेहतर होगा. यह मुजफ्फरपुर पुलिस संचार क्रांति की दिशा में एक बहुत बड़ा और प्रभावी कदम है.” — मनोज कुमार, जिला संचार पदाधिकारी (इंस्पेक्टर)

तुलनात्मक बदलाव पर एक नजर

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सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।
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