: मुजफ्फरपुर पुलिस लाइन में डीएसपी से जांच कराई जाएगी एके-47 की : बीते सात जुलाई को पुलिस टीम ने मनकौली गांव से जब्त किया था एके-47 : जेल में बंद है दीमापुर से गिरफ्तार अहमद, जैतपुर का विकास व हाजीपुर का सत्यम संवाददाता, मुजफ्फरपुर फकुली के मनकौली गांव से हथियार तस्करों की निशानदेही पर बरामद हुए एके-47 की जांच कराई जाएगी। यह हथियार कितना कारगर है और किस स्तर की है यह रिपोर्ट लेकर आगे अनुसंधान की जाएगी. इसके लिए फकुली थानेदार सह कांड के आईओ ललन कुमार ने कोर्ट में अर्जी दी है.कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद हथियार की जांच पुलिस लाइन में डीएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे.बताया गया कि एके-47 हथियार पर अंकित आयुध नंबर से उसकी ट्रैकिंग हो सकती है. मसलन यह हथियार किस आयुध कारखाना में बना और उसे कहां के किस डीलर को कंपनी ने सप्लाई दिया था. इसके बाद उक्त डीलर से स्पष्ट होगा कि इसे किस एजेंसी को सप्लाई दी गई. इस तरह ट्रैकिंग के आधार पर इस एके-47 के लिंक तलाशे जा सकते हैं. इससे अपराधियों के नेटवर्क का भी खुलासा होगा. बता दें कि बीते सात मई को पुलिस टीम ने पहले मुजफ्फरपुर स्टेशन से हथियार तस्कर विकास और सत्यम को उठाया था. उनके पास से एके-47 का बट और दूरबीन मिला था. दोनों से पूछताछ के बाद मनकौली गांव में मुखिया भाला राय का पुत्र देवमणि राय चिह्नित हुआ. देवमणि को गिरफ्तार करने के बाद उसके निशानदेही पर श्मशान घाट में पुलिया के नीचे छिपाए गए के-47 को जब्त किया गया था. कोर्ट की अनुमति पर खोली जाएगी सील मोबाइल एके-47 जब्ती मामले में जेल भेजे गए हथियार तस्कर विकास व सत्यम और सप्लायर अहमद अंसारी के मोबाइल की जांच के लिए पुलिस कोर्ट से अनुमति लेगी। कोर्ट से अनुमति पर सर्विलांस एक्सपर्ट से मोबाइल की जांच कराई जायेगी. ताकि उसमें मोजूद एके-47 के साथ दिख रहे लोगों को जांच के दायरे में लाया जा सके. मोबाइल के साक्ष्य को भी केस डायरी में लाई जायेगी. इधर पुलिस ने विकास, सत्यम और अहमद के मोबाइल के कॉल डिटेल रिपोर्ट लेकर उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों को चिह्नित कर रही है. सीडीआर के आधार पर संदिग्धों की सूची बनाकर ऑपरेशन एके-47 के तहत कार्रवाई की जायेगी.
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