Muzaffarpur court: मुजफ्फरपुर करीब तीन वर्ष पहले जमीनी विवाद में तलवार से गोदकर की गई पारू के छपड़ा आस निवासी 20 वर्षीय मंतोष कुमार की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है. एडीजे-पांच (ADJ-5) के न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर ने इस चर्चित हत्याकांड के दो दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है. सजा पाने वाले दोषियों में पारू के छपड़ा आस निवासी रामबाबू राय उर्फ रामबाबु कुमार और प्रकाश राय उर्फ प्रकाश कुमार शामिल हैं. उम्रकैद के साथ ही अदालत ने दोनों दोषियों पर 85-85 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है.
कोर्ट के समक्ष पेश किए गए नौ गवाह
अदालत में मामले की पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक (APP) रामनारायण राय ने अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट के सामने कुल नौ गवाहों को पेश किया. इस कानूनी प्रक्रिया में अधिवक्ता शिल्पी कुमारी और आशीष त्रिवेदी ने भी सहयोग किया. मामले के विवेचक (I.O.) ने जांच के बाद दोनों मुख्य आरोपितों के विरुद्ध 13 अक्टूबर 2023 को कोर्ट में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था.
खेत से लौटते समय किया था जानलेवा हमला
इस सनसनीखेज वारदात को लेकर 25 जुलाई 2023 को मृतक मंतोष के पिता ने पारू थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी. इसमें रामबाबु राय और प्रकाश राय समेत कुल 10 पट्टीदारों को नामजद आरोपित बनाया गया था. प्राथमिकी में पीड़ित पिता ने बताया था कि:
- रास्ते में घेरा: वे अपने खेत में पानी पटाकर शाम करीब सात बजे वापस घर लौट रहे थे. इसी दौरान पहले से घात लगाए आरोपितों ने उन्हें एक सुनसान जगह पर घेर लिया.
- हथियारों से हमला: सभी आरोपितों के हाथों में तलवार, लाठी और डंडे थे, जिससे उन्होंने हमला कर दिया. रामबाबु ने तलवार से वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया.
बचाने आए पुत्र की छाती के पार कर दी थी तलवार
पिता को पिटता देख और उनकी चीख-पुकार सुनकर उनका 20 वर्षीय पुत्र मंतोष कुमार और भाई रामचंद्र राय बीच-बचाव करने मौके पर पहुंचे. लेकिन क्रूर आरोपितों ने उन दोनों को भी बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया. इसी बीच आरोपितों ने मंतोष को दबोच लिया और उसके सीने के नीचे तलवार घोंपकर आरपार कर दी. इस हमले में मंतोष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बीच-बचाव करने आए उसके चाचा रामचंद्र राय के घुटने पर भी तलवार व लाठी से वार कर उन्हें गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया था
