Abhyudaya Sharan Success: माड़ीपुर निवासी अभ्युदय शरण ने अपनी दिव्यांगता को मात देते हुए खेल की बदौलत सरकारी नौकरी हासिल की है. बिहार सरकार की 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना के तहत उनके बेहतरीन खेल प्रदर्शन और टोटल स्कोर के आधार पर उनका चयन हुआ है. उन्हें वैशाली जिले के पटेढ़ी बेलसर प्रखंड में निम्न वर्गीय लिपिक (LDC) के पद पर नियुक्त किया गया है. कॉमर्स से स्नातक अभ्युदय ने 8 वर्षों की कठिन खेल साधना के बाद यह मुकाम हासिल किया है.
लंबे संघर्ष और उपलब्धियों का सफर
बौनापन श्रेणी के दिव्यांग अभ्युदय को बचपन से ही खेलों में रुचि थी. वर्ष 2017 से शुरू हुआ उनका सफर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचा.
प्रमुख खेल उपलब्धियां:
- राज्य स्तरीय शुरुआत (2017): दरभंगा और जहानाबाद में आयोजित प्रतियोगिताओं में लॉन्ग जंप, डिस्कस थ्रो और 100 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल किया.
- नेशनल पैरा एथलेटिक्स: जयपुर (2017) में 17वीं नेशनल पैरा एथलेटिक्स में सिल्वर मेडल और हरियाणा (2018) में 18वीं नेशनल में लॉन्ग जंप में गोल्ड मेडल जीता.
- अंतरराष्ट्रीय पहचान (2023): जर्मनी में आयोजित विश्व बौना खेल प्रतियोगिता में 60 मीटर, 100 मीटर दौड़ और डिस्कस थ्रो में चौथा स्थान प्राप्त किया.
चुनाव आयोग के ब्रांड एंबेसडर भी रह चुके हैं अभ्युदय
अभ्युदय विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मुजफ्फरपुर जिले के लिए चुनाव आयोग के ब्रांड एंबेसडर के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं. वह अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देते हैं. उनकी बहन रंजना कुमारी भी बौनापन श्रेणी में दिव्यांग हैं, जिन्होंने जूलॉजी में स्नातक किया है और नेशनल पैरा गेम में बिहार का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं.
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