मुजफ्फरपुर गोला रोड स्थित ऐतिहासिक बाबा कमलेश्वरनाथ शिव मंदिर में भव्य सत्संग, प्रवचन और महाशृंगार का आयोजन किया गया. इस धार्मिक अनुष्ठान में भारी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और भक्ति रस में सराबोर हुए.
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अलौकिक महाशृंगार
धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा कमलेश्वरनाथ के विशेष अभिषेक से हुई. महादेव को दूध, दही, घी, मधु और गंगाजल से स्नान कराया गया. इसके बाद बाबा का अलौकिक महाशृंगार किया गया, जिसकी छटा देखते ही बनती थी. भोले बाबा को विभिन्न प्रकार के मौसमी फलों, पारंपरिक मिष्ठान और छप्पन भोग अर्पित कर महाआरती की गई. पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गुंजायमान हो उठा.
'गुरू गीता' पर मर्मस्पर्शी प्रवचन
सत्संग में मंदिर के पीठाधीश्वर गोस्वामी पीयूष गिरि ने 'गुरू गीता' के प्रथम अध्याय पर अत्यंत मर्मस्पर्शी प्रवचन दिया. गुरु तत्व की महिमा पर प्रकाश डालते हुए महाराज जी ने कहा कि जो गुरु हैं, वास्तव में वे ही शिव हैं और जो शिव हैं, वही गुरु हैं. इन दोनों महाशक्तियों में कोई अंतर नहीं है. जो अज्ञानी गुरु और शिव में भेद मानते हैं, वे कभी भी शुभ गति या मोक्ष को प्राप्त नहीं कर सकते. गुरु ही अज्ञान के अंधकार को मिटाकर शिष्यों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं.
संगीतमय भजनों पर झूमे श्रद्धालु
प्रवचन के बाद देर शाम संगीतमय भजन संध्या का आयोजन किया गया. कलाकारों द्वारा प्रस्तुत एक से बढ़कर एक शिव भजनों पर श्रोता मंत्रमुग्ध होकर झूमते रहे. देर रात तक चले इस धार्मिक आयोजन को लेकर मंदिर प्रबंधन और स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा सुरक्षा व सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे.
