भैरव त्रिपाठी केस: एके-47 राइफल बरामदगी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के हत्थे चढ़े शातिर भैरव त्रिपाठी उर्फ मास्टर की संपत्ति जब्त करने की तैयारी शुरू हो गयी है. इसके लिए पुलिस की विशेष टीम उसकी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटाने में लगी है. टीम ने अंचल और निबंधन कार्यालय से संपर्क कर संपत्ति की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
अपराध से अर्जित संपत्ति की हो रही जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार भैरव त्रिपाठी की उन संपत्तियों का आकलन किया जा रहा है, जिनके अपराध से अर्जित रकम से खरीदे जाने की आशंका है. जांच टीम जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है.
इसके लिए संबंधित अंचल और निबंधन कार्यालय से दस्तावेज और जरूरी जानकारी जुटायी जा रही है. संपत्तियों का पूरा ब्योरा मिलने के बाद पुलिस इसकी रिपोर्ट तैयार करेगी.
पुलिस मुख्यालय भेजी गयी शुरुआती रिपोर्ट
अधिकारियों के मुताबिक संपत्ति से जुड़ी जांच की शुरुआती रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेज दी गयी है. अब विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है. इसमें भैरव की संपत्तियों के स्रोत और उनसे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी.
जब्ती की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी
पुलिस के अनुसार पूरी रिपोर्ट तैयार होने के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जाएगी. जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि भैरव त्रिपाठी की कौन-कौन सी संपत्तियां अपराध से अर्जित धन से जुड़ी हैं.
एके-47 बरामदगी मामले में NIA की कार्रवाई के बाद अब पुलिस की ओर से संपत्ति की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
ब्रह्मपुरा के राहुल नगर के रहने वाला है भैरव
भैरव त्रिपाठी मूल रूप से साहेबगंज थाना क्षेत्र के अहियापुर गांव के वार्ड नंबर -07 का रहने वाला है. हालांकि, उसका ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के राहुल नगर रोड नंबर तीन में भी मकान बना रखा है, जहां से वह आर्म्स व कारतूस सप्लाई के नेटवर्क का संचालन कर रहा था. एसटीएफ किे अधिकारियों ने भैरव त्रिपाठी से पूछताछ करने के बाद उसको एनआइए के हवाले कर दिया है.
मामले में अब तक चार चार्जशीट दाखिल
एनआइए इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है. जांच के दौरान एजेंसी अब तक तीन पूरक चार्जशीट (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) अदालत में दाखिल कर चुकी है:
- पहली चार्जशीट (8 मई 2025): एनआइए ने आर्म्स तस्कर विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ आइपीसी और यूएपीए (यूएवी एक्ट) की धाराओं के तहत पहली पूरक चार्जशीट दाखिल की थी.
- दूसरी चार्जशीट (20 फरवरी 2026): आरोपी मंजूर खान के खिलाफ आर्म्स एक्ट और यूएपीए की धाराओं के तहत चार्जशीट पेश की गई.
- तीसरी चार्जशीट (15 अप्रैल 2026): आरोपी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ तीसरी पूरक चार्जशीट दाखिल की गई.
चार माह पहले भी हथियार के साथ गया था जेल
शातिर भैरव त्रिपाठी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है. चार अप्रैल 2026 को ब्रह्मपुरा थाना पुलिस ने राहुल नगर इलाके में छापेमारी कर उसे अवैध हथियार और गोलियों के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था. वहीं, बिहार एसटीएफ की टीम ने ही भैरव त्रिपाठी को 25 मार्च 2025 को सारण जिले के भेल्दी से 7.65 एमएम की 80 कारतूस , 9 एमएम की 15 जिंदा गोली और 1.70 लाख नकदी के साथ गिरफ्तार किया था.
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