Anti rabies vaccine: मुजफ्फरपुर जिला के सदर अस्पताल में एंटी-रैबीज वैक्सीन लगवाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है. अब मरीजों को टीका लगवाने के लिए एक सख्त प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. अस्पताल प्रबंधन ने वैक्सीन के सही इस्तेमाल और रिकॉर्ड को दुरुस्त रखने के लिए यह कड़ा फैसला लिया है. नई नियमावली के तहत, अस्पताल आने वाले मरीजों को सबसे पहले एक टोकन लेना होगा. टोकन मिलने के बाद मरीज को संबंधित चिकित्सक के पास जाना होगा. डॉक्टर द्वारा मरीज की स्थिति की जांच करने और लिखित अनुमति या प्रिस्क्रिप्शन देने के बाद ही स्वास्थ्यकर्मी मरीज को एंटी-रैबीज का टीका लगाएंगे.
दूसरे और अगले डोज के लिए भी हर बार दोहरानी होगी पूरी प्रक्रिया
अस्पताल प्रबंधन ने साफ किया है कि यह नियम सिर्फ पहले डोज के लिए लागू नहीं है. यदि किसी मरीज को दूसरा या उसके बाद का डोज लगवाना है, तो उसे फिर से नए सिरे से पूरी प्रक्रिया दोहरानी होगी. यानी हर नए डोज के लिए मरीज को दोबारा टोकन लेना होगा और डॉक्टर से नई अनुमति या अपडेटेड पर्ची लेनी होगी, तभी अगला टीका लगाया जाएगा. बिना डॉक्टर के परामर्श और बिना टोकन के किसी भी मरीज को सीधे वैक्सीन रूम में टीका नहीं लगाया जाएगा.
रोजाना मुख्यालय भेजी जाएगी रिपोर्ट, प्रतिदिन 100 से अधिक टीके लगाने का लक्ष्य
अस्पताल में पारदर्शिता बढ़ाने और वैक्सीन की उपलब्धता की निगरानी के लिए अब हर दिन की रिपोर्ट सीधे मुख्यालय भेजी जाएगी. इसमें रोजाना कुल कितने टीके लगे और कितने का स्टॉक बचा है, इसकी पूरी जानकारी शामिल होगी. इसके साथ ही, मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब प्रतिदिन 100 से अधिक टीके लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि अस्पताल आने वाले किसी भी जरूरतमंद मरीज को बिना वैक्सीन के वापस न लौटना पड़े.
