Muzaffarpur Student Suicide Case: मुजफ्फरपुर साहू रोड स्थित मूर्ति गली में फंदे से लटक कर जान देने वाली 19 वर्षीय स्नातक छात्रा के कमरे से नगर थाना पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है. सुसाइड नोट में मृतका ने अपने सौतेले भाई-बहनों पर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगाया है. केस के अनुसंधानकर्ता (IO) दारोगा एजाज रिजवी ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है और उसकी लिखावट के मिलान के लिए उसे एफएसएल (FSL) जांच के लिए भेजा जा रहा है.
मां के आरोपों का सुसाइड नोट से हुआ समर्थन
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में लिखी बातें मृतका की मां द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आरोपों का पूरी तरह समर्थन करती हैं. पुलिस ने मृतका के भाई का भी बयान दर्ज किया है, जिसके गले पर भी मारपीट के गहरे निशान मिले हैं. घटना के बाद से ही प्राथमिकी में नामजद सभी आरोपी अपने घर से फरार हैं. पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
सड़क पर सरेराह की थी मारपीट
मृतका की मां ने नगर थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया था कि 21 जून को उनकी बेटी ने फांसी लगाकर जान दे दी. इसके पीछे की मुख्य वजह यह थी कि 20 जून की शाम जब मृतका सामान लेकर बीबी जान लेन माई स्थान होकर घर लौट रही थी, तभी रास्ते में नीलम, किरण, रंजीत और पल्लवी ने मिलकर उसे सरेराह रोका और उसके साथ बुरी तरह मारपीट की थी.
मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर उठाया आत्मघाती कदम
परिजनों का कहना है कि सड़क पर हुई मारपीट की शिकायत उसी दिन नगर थाने में की गई थी. पुलिस शिकायत से बौखलाए आरोपियों ने घर लौटने पर भी आरती को गंभीर रूप से मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया. इसी लोक-लाज और लगातार मिल रही प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर आरती ने अपने कमरे में फंदे से लटक कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. पुलिस ने दावा किया है कि सुसाइड नोट और चोट के निशानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
