मुजफ्फरपुर के लीची उत्पादक किसान कभी लॉकडाउन तो कभी मौसम की मार से कराह रहे है. लॉकडाउन की वजह से बाहर के व्यापारी नहीं पहुंच पाये. रही सही कसर मौसम ने पूरी कर दी है. यास चक्रवात तूफान के आने की संभावना से लीची उत्पादक किसान काफी परेशान है. कुछ दिन पूर्व ही ताउते चक्रवात के प्रभाव से हुई बारिश व आंधी से उनकी लीची पेड़ से टूट कर गिर गयी थी. किसान भी जल्दी में बागों से लीची की तुड़ाई करवा रहे है.
बारिश और आंधी से शाही लीची को भारी नुकसान
विगत दो दिनों से लीची तुड़ाई में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है. किसान, व्यापारी सह ट्रांसपोर्टर अनिल त्रिपाठी ने बताया कि दो दिन बाद तूफान का असर शुरू हो जायेगा. इसमें बारिश और आंधी से शाही लीची को भारी नुकसान होगा. इसलिए किसान काफी तेजी से लीची तुड़ाई करवा रहे हैं. दूसरे राज्यों में लीची भेजने में भी काफी तेजी आयी है.
जल्दीबाजी ऐसी कि सोशल डिस्टेंसिंग भूले
किसान व व्यापारी महिला, पुरुष मजदूरों को घर से बागों में लीची तुड़ाई करने के लिए ले जा जा रहे हैं. लीची तोड़ने में ऐसी जल्दीबाजी दिख रही है कि मजदूर सोशल डिस्टेंसिंग को भूल गए हैं. मजदूरों के चेहरे से मास्क भी गायब है. ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइन का पालन भी नहीं किया जा रहा है. ऐसे में कोरोना फैलने का खतरा बना हुआ है.
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यास साइक्लोन को लेकर जिले में अलर्ट
यास साइक्लोन के मद्देनजर डीएम प्रणव कुमार ने एसडीआरएफ, नगर निगम, बिजली समेत अन्य विभाग को अलर्ट मोड में रहने का आदेश दिया है. वही जिला पंचायती राज पदाधिकारी को ग्रामीण क्षेत्र में मुनादी कराने के लिए कहा गया है. नगर आयुक्त को 24 घंटे के रोस्टर तैयार कर अभियंता और पंपिंग सेट के अन्य कर्मियों को तैनात रहने के लिए कहा गया है.
बिजली विभाग को अलर्ट
मुजफ्फरपुर में बिजली विभाग को क्यूआरटी बना मॉनिटरिंग करने और हर दो घंटा पर खैरियत रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है. जलजमाव की स्थिति होने पर पानी निकालने के लिए उच्च क्षमता वाले दमकल की व्यवस्था रखने और जेनरेटर सुविधा बहाल रखने का निर्देश है. पुलिस विभाग को भी विधि व्यवस्था को लेकर चौकस रहने को कहा गया है. मुजफ्फरपुर की शाही लीची पर तूफान की मार का डर तथा News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें।
POSTED BY: Thakur Shaktilochan
