Muzaffarpur News: जिले में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है. आगामी 19 मई से जिले के 16 प्रखंडों की 23 चयनित पंचायतों में “सहयोग शिविर” आयोजित किए जाएंगे. इन शिविरों में लोगों की शिकायतों और आवेदनों का ऑन-स्पॉट समाधान किया जाएगा.
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने समाहरणालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिविर के दिन संबंधित पंचायतों में कोई भी राजस्व या जनता दरबार का मामला लंबित नहीं रहना चाहिए.
15 दिन पहले शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया
प्रशासन ने शिविर से 15 दिन पहले ही आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि 19 मई को लोगों को सीधे सेवाओं का लाभ मिल सके. डीएम ने कहा कि सभी आवेदनों की स्कैनिंग और डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.
सोमवार को जिलेभर से कुल 139 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं.
अधिकारी बनाए गए कैंप प्रभारी
शिविरों की निगरानी के लिए जिला स्तरीय वरीय अधिकारियों को कैंप प्रभारी बनाया गया है. उन्हें आयोजन से पांच दिन पहले क्षेत्र भ्रमण करने का निर्देश दिया गया है. जिलाधिकारी ने कहा कि वह स्वयं भी शिविरों का औचक निरीक्षण करेंगे.
इन पंचायतों में लगेगा शिविर
19 मई को जिन पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित होंगे, उनमें बंदरा प्रखंड का बंदरा, गायघाट का बरूआरी, कुढ़नी के सुमेरा और खरौनाडीह, मीनापुर का धरमपुर, मोतीपुर के महमदपुर महमदा और बांसघाट, मुरौल का मीरापुर, मुशहरी के जमालाबाद और झपहा, कांटी का वीरपुर, पारू का चांद केवारी, साहेबगंज का अहियापुर, सरैया के मधौल और दातापुर पंचभरिया, बोचहा का शर्मा, औराई के अतरार एवं मथुरापुर बुजुर्ग, मरवन का बड़का गांव उत्तरी, कटरा का हथौरी तथा सकरा के बाजी बुजुर्ग और सरमस्तपुर पंचायत शामिल हैं.
पीएम सूर्य घर योजना में दूसरे स्थान पर
जिले ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है. मुजफ्फरपुर बिहार में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. अब तक जिले में 3916 आवेदन मिले हैं, जिनमें से 1202 घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं.
इस योजना को बढ़ावा देने के लिए अगले सोमवार को समाहरणालय में “लोन मेला” आयोजित किया जाएगा, जहां बैंक और बिजली विभाग के अधिकारी उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करेंगे.
60 गांव बनेंगे मॉडल सोलर विलेज
जिला प्रशासन ने 60 गांवों को “मॉडल सोलर विलेज” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य तय किया है. इसके लिए हर प्रखंड से पांच गांवों का चयन किया जा रहा है. कनीय अभियंताओं को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है.
प्रशासन ने 2 जून, 16 जून और 30 जून को भी अगले चरण के शिविरों की तिथियां तय कर दी हैं. उप विकास आयुक्त को पूरे अभियान का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है.
