फारबिसगंज में मुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी छापेमारी, 2.75 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में आरोपी ईओ फरार

साहेबगंज नगर परिषद में 2.75 करोड़ रुपये के गबन के आरोप में फंसे फारबिसगंज के ईओ रणधीर लाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुजफ्फरपुर पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की, लेकिन वह फरार हो गए।

Bihar EO Fraud Case:  मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज नगर परिषद में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितता और सरकारी राशि के कथित गबन के गंभीर आरोपों से घिरे फारबिसगंज नगर परिषद के वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) रणधीर लाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. 2 करोड़ 75 लाख 68 हजार 731 रुपये के गबन मामले में उनकी गिरफ्तारी के लिए मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाना की पुलिस ने फारबिसगंज में छापेमारी की. हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही ईओ मौके से फरार हो गए.

साहेबगंज पुलिस ने फारबिसगंज में दी दबिश

साहेबगंज थाना के दारोगा कुणाल कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम फारबिसगंज पहुंची. स्थानीय थाना पुलिस को साथ लेकर टीम ने सबसे पहले रणधीर लाल के सरकारी आवास पर दबिश दी, लेकिन वहां ताला लटका मिला. इसके बाद शनिवार की दोपहर पुलिस टीम ने अचानक नगर परिषद कार्यालय फारबिसगंज में ईओ के कक्ष पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान जब रणधीर लाल कार्यालय में नहीं मिले, तो पुलिस टीम ने प्रभारी प्रधान सहायक कामाख्या नारायण उर्फ कुंदन सिंह समेत अन्य कर्मियों से कड़ी पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला.

चार दिनों के भीतर कटिहार की एजेंसी को ट्रांसफर किए करोड़ो रुपये

यह पूरा मामला रणधीर लाल के साहेबगंज नगर परिषद में तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी रहने के दौरान का है. साहेबगंज नगर परिषद के वर्तमान ईओ मोहम्मद फिरोज ने 24 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज कराई थी. जिसमें बताया गया था कि रणधीर लाल ने बिना तय प्रक्रियाओं का पालन किए 300 पीस स्ट्रीट लाइट, 01 रिफ्यूज कॉम्पेक्टर, हाई मास्ट लाइटिंग टावर और 50 सीसीटीवी कैमरों की खरीद की. निविदा के नियमों को ताक पर रखकर कटिहार की एक निजी एजेंसी से खरीद के बाद 503 पीस स्ट्रीट लाइट का बिना जमीन पर इंस्टॉलेशन कराए ही पूरा भुगतान कर दिया गया. पूरी प्रक्रिया को महज चार दिनों के भीतर निपटाते हुए कंपनी को 2,75,68,731 रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी गई.

आत्मसमर्पण नहीं करने पर होगी कुर्की-जब्ती की कार्रवाई: ग्रामीण एसपी

ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि यह छापेमारी न्यायालय से वारंट जारी होने से पूर्व की एक आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है. यदि आरोपी ईओ रणधीर लाल जल्द ही माननीय न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो पुलिस उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट, इश्तेहार और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के लिए न्यायालय से अनुरोध करेगी.

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लेखक के बारे में

I have 16 years of journalism experience, working as a Bureau Chief at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on crime,political, social, and current topics.I have experience covering assembly and parliamentary elections reporting.
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