Pnb cyber fraud ed investigation: मुजफ्फरपुर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से हुए पांच करोड़ रुपये से अधिक के बड़े साइबर फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने अपनी जांच तेज कर दी है. साल 2021 के इस बहुचर्चित मामले में इडी की टीम अब उन 22 घोस्ट (फर्जी) बैंक खातों को खंगाल रही है, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को खपाने के लिए किया गया था. ये सभी बैंक खाते पश्चिम बंगाल और बेंगलुरु के अलावा पांच अलग-अलग राज्यों के है. इडी इन सभी खाताधारकों के बारे में जानकारी जुटा रही है. बीते दिनों इडी की टीम शहर आकर तीन अलग-अलग बैंकों से सारी जानकारी इकट्ठा करके ले गई है.
मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच, प्रोफेसर व बीएसएनएल कर्मी से हुई थी ठगी
पहले इस बड़े घोटाले की जांच जिला पुलिस कर रही थी, लेकिन भारी-भरकम राशि के अवैध ट्रांजेक्शन को देखते हुए इडी पटना की टीम ने दखल दिया. इडी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज कर सितंबर 2025 से मामले की जांच कर रही है. इडी ने नगर थाने से जुड़े केस की फाइलें अपने हाथ में ले ली है. इनमें एक रिटायर्ड महिला प्रोफेसर से 1.07 करोड़ रुपये, बीएसएनएल कर्मी रामदेव राम से 23 लाख रुपये और साइंस कॉलेज के अंग्रेजी के प्रोफेसर के खाते से 45 लाख रुपये की अवैध निकासी के मामले शामिल है.
आरोपियों और उनके सहयोगियों पर कसेगा शिकंजा, बंगाल के माफिया रडार पर
इडी ने जेल भेजे गए मुख्य आरोपी जफर इकबाल और कैशियर नितेश कुमार सिंह सहित उनके सहयोगियों की वित्तीय गतिविधियों की जानकारी मांगी है. पुलिस जांच में कोलकाता के साइबर फ्रॉड मो. सादिक, सोमनाथ डे और तापसी डे जैसे अपराधियों के नाम आए थे, जिनके खातों में फ्रॉड की राशि भेजी गई थी. इसके अलावा, इस रैकेट के तार बंगाल के माफिया समीर दा और सइद व शाहिद जैसे शातिरों से भी जुड़े थे, जिन पर अब इडी का शिकंजा कसेगा.
