ऑनलाइन गेमिंग सिंडिकेट: मुजफ्फरपुर जिले में अवैध सट्टा, जुआ और ऑनलाइन लॉटरी गेमिंग के नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है. वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सदर थाना पुलिस ने भगवानपुर इलाके में छापेमारी कर 12 शातिर सट्टेबाजों को रंगे हाथ दबोच लिया. यह गिरोह संगठित रूप से मोबाइल ऐप और डिजिटल माध्यमों से लॉटरी के नाम पर सट्टेबाजी का अवैध धंधा संचालित कर रहा था.
गुप्त सूचना पर त्वरित घेराबंदी
सदर पुलिस को सटीक गुप्त इनपुट मिला था कि भगवानपुर में कुछ असामाजिक तत्व ऑनलाइन गेमिंग लॉटरी के जरिए सट्टेबाजी कर रहे हैं. सूचना की पुष्टि होते ही विशेष पुलिस टीम ने ठिकाने पर दबिश दी. अचानक हुई छापेमारी से सटोरियों में अफरातफरी मच गई और वे भागने लगे. हालांकि, जवानों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर मौके से 12 लोगों को दबोच लिया.
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
पकड़े गए अभियुक्तों में मुजफ्फरपुर के विभिन्न इलाकों के अलावा एक आरोपी वैशाली जिले का रहने वाला है.
- सदर थाना क्षेत्र: दिवाकर आनंद, मिथुन कुमार, प्रकाश चन्द्र जैन, मनोज कुमार, संजीत पासवान, जितेन्द्र कुमार एवं राजेश कुमार.
- साहेबगंज: निरज कुमार.
- काजी मोहम्मदपुर: मो० जलालुद्दीन.
- नगर थाना: शशिभूषण.
- पारू: चन्द्रभूषण राउत.
- महुआ (वैशाली): मनोज कुमार सिंह.
उपकरण, पर्ची लॉगबुक और नकदी बरामद
छापेमारी के दौरान मौके की तलाशी लेने पर पुलिस ने सट्टेबाजी में प्रयुक्त कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद कीं.
- मोबाइल फोन: 12 स्मार्टफोन (ऑनलाइन गेमिंग संचालन हेतु).
- कैलकुलेटर: 02 अदद (हिसाब-किताब के लिए).
- पर्ची लॉगबुक: 12 कोरी लॉगबुक और 03 कटी हुई पर्ची लॉगबुक.
- नकदी: 12,110 रुपये कैश.
मुख्य सरगना और नेटवर्क की तलाश तेज
सदर थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कौन है और इसके तार किन-किन शहरों से जुड़े हैं. आरोपियों के बैंक खातों और पुराने आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल की जा रही है.
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