Muzaffarpur News:वैशाली जिला के वैशाली थाने की पुलिस ने 48 लाख रुपये की भारी धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने केस के मुख्य नामजद आरोपी आभूषण व्यवसायी भरत साह को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी भरत साह मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र के केदारनाथ रोड, भारत माता गली का रहनेवाला है. वैशाली थानेदार इंस्पेक्टर राजकुमार के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय नगर थाने की पुलिस के सहयोग से मुजफ्फरपुर में छापेमारी कर आरोपी को दबोच लिया. इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ वैशाली ले गई. इस कांड में भरत साह का पुत्र ऋषभ साह भी नामजद आरोपी है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
संबंधों का फायदा उठाकर ट्रांसफर कराए लाखों रुपये
जानकारी के अनुसार, वैशाली जिले के बेलसर थाने के रामपुर होरिल निवासी सुबोध कुमार सिंह ने इस धोखाधड़ी को लेकर प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपी भरत साह से उनका पुराना पारिवारिक संबंध था. 7 मई 2025 को सुबोध कुमार सिंह की पुत्री की शादी तय थी. शादी में उपहार स्वरूप बेटी को सोने के जेवर देने थे. इसके साथ ही भरत साह और उनके पुत्र ऋषभ को सुबोध कुमार को एक पुरानी कार भी देनी थी. इसके एवज में पीड़ित ने अपनी पत्नी के बैंक अकाउंट से आरोपी ऋषभ साह के अकाउंट में 37 लाख 98 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए थे. उस समय 22 कैरेट सोने की कीमत 68 हजार रुपये के आसपास थी.
शादी में नहीं दिए जेवर, झांसा देकर वसूले और रुपये
शादी की तारीख नजदीक आने पर जब पीड़ित ने सोना और गाड़ी के लिए दोनों पिता-पुत्र पर दबाव बनाया, तो आरोपियों ने कहा कि वे पुराने रेट पर ही सोना देंगे. जब पीड़ित आरोपी के मोतीझील (मुजफ्फरपुर) स्थित ज्वेलरी शॉप पर गए, तो आरोपियों ने 15 दिनों में सामान देने का वादा कर शादी की तैयारी करने को कहा. लेकिन आरोपियों ने शादी में न तो गाड़ी दी और न ही सोना. मजबूरन पीड़ित को दूसरे बैंक से कर्ज लेकर बेटी के लिए सोना खरीदना पड़ा. इसके बाद भी आरोपियों का मन नहीं भरा. दोनों पिता-पुत्र पीड़ित के घर पहुंचे और कहा कि उन्होंने थोक में सोना खरीदा है, जिसके लिए 15 लाख रुपये और चाहिए. उन्होंने झांसा दिया कि वे बाद में सोना बेचकर पैसा लौटा देंगे. आरोपियों ने पीड़ित से 4.70 लाख रुपये नकद और 6 लाख रुपये उनके पुत्र के अकाउंट से ले लिए. इसके बाद दोनों पिता-पुत्र ने कुल 48 लाख रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद पीड़ित ने न्याय के लिए पुलिस की शरण ली.
