मुजफ्फरपुर से सुमित कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News:मुजफ्फरपुर जिले के गरहा और हथौड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत अपराध के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है.देर रात मुंबई से लौटे तीन प्रवासी मजदूरों को चाकू के बल पर लूटने वाले शातिर गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने महज पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुँचकर न सिर्फ घायलों को अस्पताल पहुँचाया, बल्कि त्वरित छापेमारी कर लुटेरों को धर दबोचा.
देर रात सुनसान सड़क पर दिया घटना को अंजाम
गरहा और हथौड़ी थाना क्षेत्र के रहने वाले तीन मजदूर मुंबई से ट्रेन द्वारा मुजफ्फरपुर लौटे थे. देर रात होने के कारण उन्हें आगे जाने के लिए कोई गाड़ी नहीं मिला, जिसके बाद वे पैदल ही गरहा चौक से सनाथी पुल होते हुए हथौड़ी की तरफ अपने घर जा रहे थे.इसी दौरान सनाथी पुल के पास एक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार तीन अपराधियों ने उन्हें रोक लिया. अपराधियों ने चाकू और आरी दिखाकर मजदूरों पर हमला कर दिया और उनसे दो मोबाइल फोन तथा 2 हजार नगद कैश लूटकर फरार हो गए.
5 मिनट में पहुँची पुलिस, अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल
वारदात के तुरंत बाद पीड़ितों ने पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही गरहा थाने की पुलिस महज 5 मिनट के भीतर मौके पर पहुँचगई.पुलिस ने बिना वक्त गंवाए सबसे पहले घायल मजदूरों को इलाज के लिए बोचहां पीएचसी अस्पताल में भर्ती कराया. इसके तुरंत बाद गरहा पुलिस की एक विशेष टीम गठित कर अपराधियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की गई.पुलिस ने सघन छापेमारी करते हुए इस कांड में संलिप्त मुख्य आरोपी सचिन कुमार को गिरफ्तार किया, जो गरहा थाना क्षेत्र के सनाथी का ही रहने वाला है.कड़ाई से पूछताछ के बाद सचिन की निशानदेही पर पुलिस ने दूसरे आरोपी सुधांशु कुमार को भी दबोच लिया, जो हथौड़ी थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, इस घटना में शामिल तीसरे आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है.
नगर एसडीपीवो 2 विनीता सिन्हा ने बताया की अपराधियों के पास से लूटे गए दोनों मोबाइल फोन 2 हजार नगद कैश और वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद कर लिया है.
अपराधियों का रहा है पुराना आपराधिक इतिहास
मामले की जानकारी देते हुए एसडीपीवो 2 बिनीता सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. आरोपी सचिन कुमार को इससे पहले बोचहां थाना कांड संख्या 122/24 आर्म्स एक्ट और मोटरसाइकिल चोरी में जेल भेजा गया था. इसके अलावा गरहा थाना कांड संख्या 868/26 मारपीट का मामला में भी वह बीते 12 मई को ही जेल गया था, जहाँ से दो-तीन दिन पहले ही जमानत पर बाहर आकर उसने फिर से इस लूट की घटना को अंजाम दे दिया.
देर रात चलने वाले राहगीर होते थे निशाना
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह मुख्य रूप से गरहा और सनाथी के आस-पास के इलाकों में सक्रिय है. इनका मुख्य काम देर रात ट्रेनों या बसों से उतरकर पैदल चलने वाले यात्रियों और मजदूरों को सूनसान रास्तों पर घेरना होता था.ये हथियारों का डर दिखाकर मुख्य रूप से मोबाइल और नकदी की छिनतई करते थे. पुलिस अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर गिरोह के अन्य नेटवर्क और तीसरे फरार साथी के बारे में सुराग लगा
