Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जिले के बोचहाँ प्रखंड परिसर में बुधवार को मनरेगा मजदूर सभा, खेत मजदूर सभा एवं भाकपा माले के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय भव्य धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया. रामबालक सहनी की अध्यक्षता में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर और ग्रामीण शामिल हुए.
केंद्र की नीतियों पर बरसे नेता, श्रम कोड को बताया मजदूर विरोधी
धरना सभा को संबोधित करते हुए खेत मजदूर सभा के जिला सचिव रामनंदन पासवान ने केंद्र सरकार पर मनरेगा कानून में बदलाव कर मजदूरों के अधिकारों में कटौती करने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर लाए गए चार नए श्रम कोड पूरी तरह मजदूर विरोधी हैं और इससे मजदूरों का शोषण और बढ़ेगा. वहीं किसान नेता बिंदेश्वर शाह ने मनरेगा योजना को कृषि कार्यों से जोड़ने की वकालत की ताकि किसानों और मजदूरों दोनों को इसका सीधा लाभ मिल सके.
राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, जलजमाव की समस्या दूर करने की उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान वीरेंद्र पासवान ने मनरेगा मजदूरों को साल में कम से कम 200 दिन रोजगार देने और दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 700 रुपये प्रतिदिन करने की पुरजोर मांग उठाई. धरना के अंत में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया. इसके जरिए प्रदर्शनकारियों ने गरीब बस्तियों को मुख्य संपर्क पथ से जोड़ने तथा मुरादपुर ओवरब्रिज के नीचे लगे जलजमाव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने की मांग की. मौके पर संजय राय, रामनाथ शाह, मंजू देवी और लाल बाबू राय समेत कई
