मुजफ्फरपुर से सुमित कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: सेना, पैरा मिलिट्री फोर्स, बिहार पुलिस, होमगार्ड और एसएससी में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 100 से अधिक बेरोजगार युवकों से तीन करोड़ से अधिक की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. पूर्वी चंपारण जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में ‘जय हिंद फिजिकल एकेडमी’ की आड़ में ठगी का यह पूरा नेटवर्क चल रहा था. मिलिट्री इंटेलिजेंस लखनऊ की सूचना पर मोतिहारी पुलिस, बिहार एसटीएफ और सेना की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना व रिटायर्ड सैनिक शिवेंद्र भूषण कुमार को गिरफ्तार कर लिया है.
गांधी मैदान में बिछाया जाल, फिजिकल एकेडमी के नाम पर फंसाया
ठगी के इस नेटवर्क का खुलासा होने के बाद ढाका थाना के सोरपनिया निवासी छात्र कमलेश कुमार के लिखित बयान पर रघुनाथपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है.पीड़ित छात्र ने बताया कि वह अपने दोस्त पवन कुमार सिंह के साथ मोतिहारी के गांधी मैदान में पुलिस और सेना भर्ती की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान आरोपी शिवेंद्र भूषण कुमार उनके पास आया. उसने खुद को सेना का रिटायर्ड हवलदार बताया और दावा किया कि वह शत-प्रतिशत गारंटी के साथ युवाओं की सरकारी नौकरी पक्की कराता है.
असली सर्टिफिकेट और ब्लैंक चेक जमा कराकर शुरू किया खेल
बेरोजगारी से जूझ रहे करीब 100 से अधिक सीधे-साधे ग्रामीण युवा इस झांसे में आ गए. आरोपी ने प्रत्येक छात्र से नौकरी के एवज में 3-3 लाख रुपये की मांग की और सुरक्षा के तौर पर मैट्रिक व इंटर के मूल प्रमाण पत्र, ब्लैंक चेक और सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाकर रख लिए. जब काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी, तो छात्र 19 मई 2026 की सुबह अपने दस्तावेज वापस मांगने पहुंचे. आरोपी ने दस्तावेज लौटाने से साफ इनकार कर दिया और उल्टे 50-50 हजार रुपये की और मांग करने लगा.
मोबाइल और घर से मिले ब्लैंक चेक, कई परीक्षाओं के रेट कार्ड का खुलासा
छात्रों की लिखित शिकायत के बाद जब पुलिस ने छापेमारी की, तो आरोपी के पास से भारी मात्रा में छात्रों के ओरिजिनल प्रमाण पत्र, ब्लैंक चेक बुक और साइन किए हुए सादे कागज बरामद हुए. आरोपी के मोबाइल से ठगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं. सूत्रों के मुताबिक, आरोपी होमगार्ड बहाली के लिए 2.5 लाख, पुलिस के लिए 5 लाख, सेना के लिए 2.6 लाख और एसएससी जीडी के लिए 7 लाख रुपये वसूलता था. वह साल 2018 में सेना से रिटायर्ड हुआ था. केस की जांच पीएसआई नीलम कुमारी कर रही हैं.
