Muzaffarpur: रोजाना 50 लाख का होता है सब्जियों का कारोबार, सुविधा के नाम पर टॉयलेट तक नहीं

Muzaffarpur News: जिले की कई बड़ी सब्जी मंडियां सड़क किनारे लगती हैं. हर दिन जिले में करीब 50 लाख रुपए का सब्जियों का कारोबार होता है. लेकिन, विक्रेता गंदगी के बीच सब्जी बेचने को मजबूर हैं. सुविधा के नाम पर मंडी में एक टॉयलेट तक नहीं है. पूरी खबर पढ़ें…

Muzaffarpur News: शहर में रोज करीब 50 लाख की सब्जियों का कारोबार होता है, लेकिन सब्जी मंडी व्यवस्थित नहीं है. गंदगी के बीच सब्जी विक्रेता सब्जी बेचने को मजबूर हैं. नगर निगम की ओर से इसके लिए स्थायी रूप से कहीं भी सब्जी मंडी नहीं बसायी गयी है. शहर में अखाड़ाघाट रोड, सरैयागंज, कटही पुल, जवाहर लाल रोड और नयी बाजार में सब्जी मंडी लगती है, जिनमें अधिकतर सब्जी मंडियां सड़क किनारे ही लगती हैं. सरैयागंज के मिर्चा मंडी के पास सब्जी की होलसेल मंडी है. यहां बिहार के अलग-अलग जगहों के अलावा उत्तर प्रदेश और झारखंड से सब्जियों के ट्रक उतरते हैं, लेकिन यह व्यवसाय भी सड़क किनारे चलता है. सुबह चार बजे से नौ बजे तक होलसेल खरीदार यहां से खरीदारी करते हैं. 

सब्जी मंडी में नहीं है टॉयलेट की व्यवस्था

सड़क के दोनों तरफ सब्जियों का बाजार लगने से यातायात बाधित हो जाता है. बारिश के दिनों में जवाहर लाल रोड और नयी बाजार सब्जी मंडी गंदे पानी से भर जाता है. वैसी ही स्थिति में सब्जियों का कारोबार होता है. सब्जी के होलसेल व्यवसायी राजेश कुमार बताते हैं कि शहर की होलसेल मंडी से जिले के अलग-अलग प्रखंडों में भी सब्जियां जाती है. यहां का कारोबार करीब 50 लाख का है. मुशहरी से सब्जी लेकर आने वाले विक्रेता रामाशंकर सहनी बताते हें कि सब्जी बेचने के लिए निश्चित जगह और शेड नहीं होने के कारण गर्मी और बारिश में काफी परेशानी होती है. धूप और पानी से सब्जियां भी खराब हो जाती हैं. इसके अलावा इन सब्जी मंडियों में कहीं भी यूरिनल ऑर टॉयलेट नही है. सब्जी विक्रेताओं के लिए पेयजल की भी व्यवस्था भी नहीं है. शहर में रोज इतने बड़े कारोबार के बाद भी इसकी स्थायी व्यवस्था नहीं की जा सकी.

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घरों तक नहीं पहुंच पाती एंबुलेंस और गाड़ियां

कटही पुल और नयी बाजार सब्जी मंडी के समीप रहने वाले लोगों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि जरूरत पड़ने पर इनके घरों तक एंबुलेंस और निजी गाड़ियां नहीं पहुंच पाती. जिनके पास अपनी गाड़ी है वह भी जरूरत पड़ने पर नहीं निकाल पाते. दोनों जगहों पर सड़क के दोनों तरफ सब्जी मंडी लगती है. इससे करीब आधी सड़क अतिक्रमित हो जाती है. इसके बाद ग्राहकों की भीड़ अलग. नयी बाजार मुहल्ला निवासी आनंद कपूर ने कहा कि सड़क किनारे सब्जी मंडी लगने से हमलोगों को काफी परेशानी होती है. कार कौन कहे, हमलोग तो बाइक भी नहीं निकाल पाते. अगर बाहर से कोई अतिथि आ जाये तो उन्हें पांच सौ मीटर दूर कार पार्क कर घर तक आना पड़ता है. सबसे मुश्किल स्थति तब हो जाती है, जब घर में कोई बीमार पड़ जाये. सब्जी मंडी के कारण घर तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाता. हमलोगों ने कई बार वार्ड पार्षद और नगर आयुक्त को इससे अवगत कराया, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हो सका.

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By Aniket kumar

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प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

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