Muzaffarpur News: भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के कार्यों में लापरवाही बरतने और आदेशों की अवहेलना करने पर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. चार्ज जनगणना अधिकारी-सह-नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सुपरवाइजर सर्किल नंबर 13, 27, 60, 62, 73, 91, 92, 96, 97, 111, 115 एवं 116 के 12 पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजरों) का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है. 20 मई को जनगणना कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) से ये सभी सुपरवाइजर गायब रहे थे.
सीएमएमएस पोर्टल पर काम नहीं करने से बिगड़ी बात
समीक्षा के दौरान पाया गया कि निर्धारित समय सीमा तक सीएमएमएस पोर्टल पर एचएलबी कार्य को पूर्ण कर ‘क्लोज’ करना था, लेकिन इन पर्यवेक्षकों के अधीन क्षेत्रों में कार्य प्रगति पूरी तरह शून्य रही. सुपरवाइजरों की अनुपस्थिति के कारण प्रगणकों के कार्यों की समीक्षा भी बाधित हुई. इसे राष्ट्रीय कार्य में घोर लापरवाही मानते हुए नगर आयुक्त ने सभी संबंधित कर्मियों से 24 घंटे के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण मांगा है.
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर निलंबन की चेतावनी
नगर निगम प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संबंधित पर्यवेक्षकों को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया जाएगा. इसके साथ ही उनके खिलाफ जनगणना अधिनियम-1948 की धारा 11 के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई जाएगी. इस कार्रवाई से लापरवाही बरतने वाले कर्मियों में हड़कंप मच गया है.
मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट
