मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर अब सिर्फ अपनी मशहूर शाही लीची के लिए ही नहीं, बल्कि स्ट्रीट फूड की नई पहचान बनाने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. पीएम स्वनिधि योजना के तहत शहर में आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल स्ट्रीट फूड हब विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है. नगर निगम इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर मिशन मोड में काम कर रहा है. आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने देशभर के सर्वश्रेष्ठ पांच प्रस्तावों के लिए चार करोड़ रुपये की विशेष राशि निर्धारित की है. ऐसे में मुजफ्फरपुर को टॉप-5 में शामिल कराने के लिए नगर निगम विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर रहा है.
स्थानीय स्वाद और वेंडरों को मिलेगा नया मंच
नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर तैयार हो रहे प्रस्ताव में शहर के स्ट्रीट वेंडरों को व्यवस्थित ढांचा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. इसके साथ ही लोगों को साफ-सुथरा और सुरक्षित खान-पान का माहौल देने की योजना है. नगर निगम स्थानीय व्यंजनों और पारंपरिक स्वाद को ब्रांडिंग के जरिए नई पहचान देने की तैयारी में जुटा है.
वेंडिंग जोन और ट्रैफिक व्यवस्था पर रहेगा फोकस
प्रस्ताव में पहले से अधिसूचित वेंडिंग जोन को प्राथमिकता देने की बात कही गई है. साथ ही जहां लोगों की आवाजाही ज्यादा हो, वहां ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्ट्रीट फूड हब विकसित किया जाएगा. पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी जियोटैगिंग के माध्यम से करने की योजना भी बनाई गई है.
कई शहरों से है कड़ी प्रतिस्पर्धा
मॉडल स्ट्रीट फूड हब के चयन को लेकर बिहार के 11 प्रमुख नगर निकायों के बीच मुकाबला चल रहा है. मुजफ्फरपुर के अलावा पटना, गया, बोधगया, राजगीर, बिहारशरीफ और सीतामढ़ी जैसे शहर भी इस दौड़ में शामिल हैं. वहीं मधेपुरा, खगड़िया और दलसिंहसराय को भी तय समय सीमा के भीतर अपना डेटा पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है.
चयन होने पर बढ़ेगी शहर की पहचान
नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि यदि मुजफ्फरपुर का चयन देश के टॉप-5 मॉडल स्ट्रीट फूड हब में हो जाता है, तो इससे शहर की खूबसूरती बढ़ने के साथ-साथ सैकड़ों स्ट्रीट वेंडरों की आय में भी इजाफा होगा. साथ ही शहर को देशभर में नई पहचान मिलेगी.
