Muzaffarpur News: ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के मनमाने संचालन के खिलाफ मुजफ्फरपुर के दवा विक्रेता एकजुट हो गए हैं. ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर आज यानी 19 मई की मध्य रात्रि से जिले की सभी खुदरा और थोक दवा दुकानें 24 घंटे के लिए पूरी तरह बंद रहेंगी. केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार पंकज और सचिव संजीव कुमार चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की. हालांकि, मरीजों की सहूलियत के लिए आपातकालीन स्थिति में कुछ चुनिंदा दुकानें खुली रखी जाएंगी.
ई-फार्मेसी और प्रीडेटरी प्राइसिंग से छोटे दुकानदार परेशान
एसोसिएशन का आरोप है कि कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा की जा रही ऑनलाइन दवा बिक्री और ‘प्रीडेटरी प्राइसिंग’ (बाजार से बेहद कम कीमत पर दवाएं बेचना) के कारण स्थानीय और छोटे दुकानदारों का अस्तित्व खतरे में आ गया है. ये ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म सरकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं, जिससे बाजार में नकली और प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई का खतरा बढ़ गया है.
तीन दिनों तक काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध
इस देशव्यापी बंदी को सफल बनाने के लिए जिले के दवा दुकानदारों ने पिछले तीन दिनों तक बांह पर काला बिल्ला लगाकर काम किया और अपना विरोध दर्ज कराया. यह बंदी 20 मई की मध्य रात्रि तक प्रभावी रहेगी. इस मौके पर सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा, रंजन कुमार साहू, नवरतन, अजय कुमार चौधरी, नीरज सिंह और वीरेंद्र कुमार सहित कई दवा विक्रेता मौजूद थे.
मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
