Muzaffarpur News: 25 से 28 नवंबर तक बंद रहेगी गोबरसही गुमटी, शाम 6 बजे तक चलेगा मेंटेनेंस का काम

Muzaffarpur News: रेलवे ट्रैक व रोड के मेंटेनेंस के कारण 25 नवंबर से 28 नवंबर तक गोबरसही गुमटी बंद रहेगा. दोपहर से शाम छह बजे तक गुमटी को पूरी तरह बंद कर ट्रैक व रोड का मेंटेनेंस कार्य चलेगा.

Muzaffarpur News: रेलवे ट्रैक व रोड के मेंटेनेंस के कारण 25 नवंबर से 28 नवंबर तक गोबरसही गुमटी बंद रहेगा. दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक गुमटी को पूरी तरह बंद कर ट्रैक व रोड का मेंटेनेंस कार्य चलेगा. रेलवे की तरफ से पत्र लिखे जाने के बाद प्रशासन से भी इसकी अनुमति मिल गयी है. इस कारण गोबरसही से सीधे सर्किट हाउस रोड की तरफ आने-जाने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्ग भगवानपुर ब्रिज या फिर बीबीगंज गुमटी के रास्ते का उपयोग करना पड़ेगा. ट्रैक व रोड़ के मेंटेनेंस के साथ-साथ रेलवे की भूमि से अतिक्रमण भी हटाये जायेंगे. मुजफ्फरपुर सहायक मंडल इंजीनियर दक्षिण सोगारथ पासवान ने एसडीओ पूर्वी अमित कुमार को पुलिस और दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति के लिए पत्र लिखा है.

कचरे के ढेर पर मिला नवजात का शव

उधर, पियर थाना क्षेत्र के बंदरा में मां की ममता शर्मसार कर देने वाली एक घटना हुई. प्रखंड मुख्यालय एवं पीएचसी के बीच सड़क किनारे कचरे के ढेर पर एक नवजात का शव मिला. इसके बाद उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. पुलिस मौके पर पहुंच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया. वहीं नवजात के शव मिलने को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा हो रही थी. लोग आशंका जता रहे थे कि कहीं कोई बिन ब्याही लड़की ने नवजात को जन्म दिया है और लोकलाज के भय से उसे फेंक दिया है या किसी मां ने बच्चे को जन्म दिया हो और नवजात की मौत हो जाने पर शव को फेंक दिया हो. घटना शुक्रवार सुबह की बताई जा रही है.

यह भी पढ़ें: Muzaffarpur News: कटरा, मोतीपुर, मीनापुर और कांटी अंचलाधिकारी का वेतन रुका, DM ने मांगा स्पष्टीकरण

कपड़े में लपेटा हुआ था शव 

ग्रामीण वीरेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह नल-जल का पानी चालू करने आया तो कूड़े के ढेर पर कपड़े में नवजात का शव लपेटा हुआ दिखा. हालांकि बच्चे के शरीर पर हॉस्पिटल का बैंडेज भी लगा ही हुआ है. थानाध्यक्ष पंकज यादव ने बताया कि नवजात का शव मिलने की सूचना मिली थी. उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पीएचसी प्रभारी से भी इसकी जानकारी ली जा रही है. वहीं पीएचसी प्रभारी डॉ नौशाद आलम ने बताया कि गुरुवार की रात किसी बच्चे का जन्म अस्पताल में नहीं हुआ है. फिर भी विगत दो-तीन दिनों में पीएचसी में जन्म लिये बच्चों का सत्यापन कराया जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >