मुजफ्फरपुर से प्रभात कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: संभावित मानसून और बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. लोगों को सुरक्षित रखने और राहत कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर इंतजाम शुरू कर दिए हैं. उप विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने और सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने का निर्देश दिया गया.
418 राहत शिविर और 448 सामुदायिक रसोई तैयार
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 418 राहत शिविर और 448 सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं. जरूरत पड़ने पर यहां लोगों को रहने और भोजन की सुविधा दी जाएगी. प्रशासन ने आपदा संपूर्ति पोर्टल पर 5 लाख 54 हजार 843 संभावित प्रभावित परिवारों का डेटा भी अपलोड कर दिया है.
नावों और राहत सामग्री की व्यवस्था पूरी
प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए 15 सरकारी और 263 निजी नावों को चिन्हित कर टैगिंग कर दी है. इसके अलावा 26 हजार से अधिक पॉलिथीन शीट भी उपलब्ध कराई गई हैं ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद पहुंचाई जा सके.
हाईटेक उपकरणों के साथ बचाव दल तैयार
बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है. प्रशासन के पास 65 मोटर बोट, 65 टेंट, सैटेलाइट फोन, जीपीएस सेट, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरण मौजूद हैं. साथ ही 159 गोताखोर और 497 आपदा मित्रों की तैनाती की गई है.
तटबंधों की निगरानी और श्रावणी मेले की तैयारी
डीडीसी ने अधिकारियों को बूढ़ी गंडक, गंडक और बागमती नदी के तटबंधों की नियमित निगरानी का निर्देश दिया है. वहीं 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेले को लेकर भी कंट्रोल रूम, मेडिकल कैंप, ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया.
