Muzaffarpur News: सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही पोखर दुर्गा स्थान के समीप हुई एक विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिसिया तालमेल की गंभीर लापरवाही सामने आई है. ब्रह्मपुरा पुलिस द्वारा 19 मई को दर्ज किए गए फर्द बयान को महज कुछ किलोमीटर दूर सदर थाने पहुंचने में पूरे 17 दिन लग गए. इस फर्द बयान के आधार पर बुधवार को सदर थाने में आधिकारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज की गई है. खबड़ा दिनकर नगर निवासी मृतका के भाई विकास कुमार ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि दहेज के लिए उसकी बहन की हत्या की गई है.
गोबरसही विवाहिता मौत मामला
इस संवेदनशील मामले और दर्ज प्राथमिकी से जुड़े मुख्य तथ्यों को नीचे दी गई तालिका में व्यवस्थित किया गया है:
| विवरण की श्रेणी | मुख्य जानकारी और फैक्ट्स |
|---|---|
| घटनास्थल | गोबरसही पोखर दुर्गा स्थान के पास, सदर थाना क्षेत्र, मुजफ्फरपुर. |
| पीड़िता (मृतका) | अर्चना कुमारी. |
| नामजद आरोपी | पति इंद्रजीत कुमार साह और सास रेनू देवी. |
| फर्द बयान की तिथि | 19 मई (ब्रह्मपुरा थाना पुलिस द्वारा दर्ज). |
| प्राथमिकी (FIR) की तिथि | बुधवार (17 दिन के प्रशासनिक विलंब के बाद). |
| शिकायतकर्ता | विकास कुमार (मृतका का भाई, खबड़ा दिनकर नगर निवासी). |
| विवाद का मुख्य कारण | दहेज की मांग और संतान न होने पर प्रताड़ना. |
17 दिनों की पुलिसिया लेट-लतीफी पर खड़े हुए सवाल
सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही में हुई इस वारदात के बाद ब्रह्मपुरा थाने की पुलिस ने 19 मई को ही मृतका के भाई का फर्द बयान दर्ज कर लिया था. लेकिन पुलिस के आंतरिक समन्वय की कमी के कारण इस कॉपी को सदर थाना पहुंचने में 17 दिन का लंबा समय लग गया. बुधवार को जब यह फर्द बयान सदर थाने पहुंचा, तब जाकर मामला दर्ज हुआ. इस सुस्ती के कारण आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू होने में अनावश्यक देरी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों और परिजनों में आक्रोश है.
‘बांझ’ होने का ताना और चंदा मांगकर की गई शादी का अपमान
मृतका के भाई विकास कुमार ने पुलिस को दिए बयान में अपनी बहन के साथ हुई क्रूरता की पूरी दास्तान बयां की है. उन्होंने बताया कि शादी के बाद से ही अर्चना को बच्चा नहीं होने और मायके से और दहेज लाने की मांग को लेकर उसकी सास रेनू देवी और पति इंद्रजीत कुमार साह लगातार प्रताड़ित करते थे. भाई ने भावुक होते हुए बताया कि शादी के समय उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए उन्होंने ग्रामीणों से चंदा इकट्ठा कर ₹2,50,000 नकद देकर अपनी बहन की शादी की थी. इसके बावजूद ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे और अर्चना को बांझ कहकर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे.
गहने छीनने की धमकी, ₹25,500 की अदायगी और खौफनाक अंत
घटना से दो दिन पूर्व 17 मई को अर्चना ने फोन कर अपने भाई को बताया था कि उसकी सास गहने छीनकर उसे घर से निकालने की धमकी दे रही है. इसके बाद पीड़ित परिवार के फूफा सीताराम साह ने लड़की के ससुराल जाकर मामले को शांत कराने का प्रयास किया था. उन्होंने सास को ऑनलाइन व कैश के माध्यम से कुल ₹25,500 भी दिए, ताकि विवाद खत्म हो सके. इसके बावजूद प्रताड़ना का दौर थमता नहीं दिखा.
19 मई की दोपहर करीब 12:30 बजे अर्चना ने दोबारा फोन कर रोते हुए बताया कि उसके पति और सास मिलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर रहे हैं और कह रहे हैं कि तुम्हारी शादी में कुछ नहीं मिला है, तुम यहां से चली जाओ नहीं तो जान से मार देंगे. इसके कुछ ही देर बाद ससुराल पक्ष की ओर से फोन आया कि आपकी बहन अर्चना कुमारी ने कोई दवा खा ली है. आनन-फानन में जब मायके वाले ब्रह्मपुरा के एक निजी अस्पताल पहुंचे, तो वहां ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था. वे सभी मृतका को गंभीर स्थिति में छोड़कर अस्पताल से फरार हो चुके थे. डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
पीड़ित परिवार की मांग और कानूनी रुख
मृतका के भाई का आधिकारिक आरोप: मृतका के भाई विकास कुमार के अनुसार, यह पूरी तरह से सोची-समझी साजिश के तहत की गई दहेज हत्या है. ग्रामीणों से चंदा मांगकर की गई शादी के बावजूद उसकी बहन को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ा गया. प्रताड़ना की पराकाष्ठा यह रही कि ससुराल वाले उसे अस्पताल में मरणासन्न स्थिति में छोड़कर भाग गए. पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है. सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
