Muzaffarpur: प्रॉपर्टी टैक्स से लेकर नक्शा पास कराने तक, अब घर बैठे होगा काम, 120 करोड़ मंजूर

Muzaffarpur News: बिहार के सभी नगर निकायों में राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन लागू होगा. 120 करोड़ के बजट से नागरिकों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और टैक्स भुगतान जैसी 19 ऑनलाइन सेवाएं एक ही पोर्टल पर मिलेंगी, जिससे शहरी जीवन आसान होगा. पढे़ं पूरी खबर…

Muzaffarpur News: बिहार सरकार ने राज्य के शहरी नागरिकों की जीवनशैली को सुगम बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से राज्य के सभी नगर निकायों में ‘राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन’ (NUDM) को लागू करने की आधिकारिक स्वीकृति दे दी गई है. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए आगामी पांच वर्षों हेतु करीब 120 करोड़ रुपये (119.90 करोड़) के बजट को मंजूरी मिली है.

सात निश्चय-2 के तहत ‘ईज ऑफ लिविंग’ पर जोर

यह योजना नीतीश सरकार के सात निश्चय-2 के ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ ध्येय को पूरा करने के लिए लाई गई है. इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना है. इस मिशन के तहत एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म (Integrated Digital Platform) तैयार किया जाएगा, जहाँ शहरवासियों को एक ही पोर्टल पर 19 ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध होंगी.

इन 19 सेवाओं का उठा सकेंगे लाभ

पोर्टल के माध्यम से नागरिक कई महत्वपूर्ण कार्यों को घर बैठे निपटा सकेंगे. इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र का निर्गमन.
  • प्रॉपर्टी टैक्स का असेसमेंट और ऑनलाइन भुगतान.
  • ट्रेड लाइसेंस के लिए आवेदन और उसकी प्राप्ति.
  • बिल्डिंग प्लान अप्रूवल (भवन निर्माण का नक्शा पास कराना).
  • पानी और सीवरेज कनेक्शन के लिए आवेदन.
  • सार्वजनिक शिकायत निवारण (Public Grievance Redressal).
  • स्वच्छता और स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़ी सुविधाएं.

वित्तीय प्रबंधन और जवाबदेही होगी तय

योजना के तहत नगर निकायों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ‘डबल एंट्री एकाउंटिंग सिस्टम’ लागू किया जाएगा. इसके सुचारू संचालन के लिए राज्य स्तर पर 15 विशेषज्ञों और फील्ड स्तर पर 125 कर्मियों की टीम तैनात की जाएगी. साथ ही, निकाय कर्मियों को डिजिटल रूप से दक्ष बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

5 साल का रोडमैप और बजट का प्रावधान

योजना का क्रियान्वयन चरणबद्ध तरीके से होगा. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यह पूरी राशि छठे राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी मद से खर्च की जाएगी. इस पहल से न केवल नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को भी बढ़ावा मिलेगा.

मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट

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By Aniket Kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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