Muzaffarpur News: बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ, पटना के आह्वान पर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय प्रक्षेत्र के सभी अंगीभूत महाविद्यालयों में गुरुवार को दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा. अपनी 15 सूत्री मांगों के समर्थन में शिक्षकेतर कर्मचारियों (दैनिक वेतन भोगी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम सहित) की कलमबंदहड़ताल के कारण कॉलेज के प्रशासनिक कार्यालयों में ताले लटके रहे और कामकाज पूरी तरह ठप रहा. छात्र-छात्राओं को बिना काम कराए ही बैरंग लौटना पड़ा.
दूसरे दिन भारी गहमागहमी
लंगट सिंह कॉलेज में हड़ताल के दूसरे दिन भारी गहमागहमी देखी गई. कर्मचारी सुबह से ही मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए और विश्वविद्यालय प्रशासन व सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. धरना स्थल पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रक्षेत्रीय मंत्री राजीव रंजन ने कहा कि यह आंदोलन कर्मचारियों के हक की लड़ाईहै. एलएस कॉलेज कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार सिंह ने कहा कि उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हड़ताल मजबूरी में की गई है क्योंकि प्रशासन संवाद के बजाय चुप्पी साधे हुए है. डॉ. सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि दो दिनों की यह सांकेतिक हड़ताल केवल एक शुरुआत है. यदि विश्वविद्यालय प्रशासन अब भी नहीं जागा और ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो महासंघ भविष्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल जैसा कड़ा कदम उठाने को बाध्य होगा. इस आंदोलन में सत्येंद्र कुमार, ऋषि कुमार, सुजीत कुमार, लालबाबू सिंह, आनंद चक्रपाणि, संजय कुमार, सुनील कुमार, अनिल ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे.
मुजफ्फरपुर से ललितांशु की रिपोर्ट
