मुजफ्फरपुर: सरकारी स्कूलों की दीवारों पर लिखे जाएंगे कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के टोल-फ्री नंबर

Muzaffarpur News: बिहार के सरकारी स्कूलों की दीवारों पर शिक्षा विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का टोल-फ्री नंबर लिखा जाएगा. प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने 31 मई तक सभी डीइओ को इसे पूरा करने का निर्देश दिया है.

Muzaffarpur News: सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है. अब सूबे के सभी सरकारी प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों की मुख्य दीवारों पर शिक्षा विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का टोल-फ्री नंबर बड़े-बड़े अक्षरों में अंकित किया जाएगा. इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने मुजफ्फरपुर समेत सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी (डीइओ) को सख्त निर्देश जारी किया है.

31 मई तक स्कूल की मुख्य दीवार पर नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य

जारी निर्देश के अनुसार, सभी डीइओ को आगामी 31 मई तक अपने-अपने क्षेत्रों के सभी स्कूलों की मुख्य दीवार के ऐसे दर्शनीय हिस्से पर टोल-फ्री नंबर लिखवाना अनिवार्य होगा, जहां हर आने-जाने वाले की नजर आसानी से पड़ सके. शिक्षा विभाग ने शिक्षा संबंधी समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु राज्य स्तर पर एक केंद्रीयकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया है. इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को अपनी बात सीधे विभाग तक पहुंचाने का मंच देना है.

एमडीएम और पठन-पाठन में अनियमितता की सीधे कर सकेंगे शिकायत

दीवारों पर नंबर लिखे होने से अब कोई भी व्यक्ति स्कूल से जुड़ी पठन-पाठन में अनियमितता, मिड-डे मील (एमडीएम) की गुणवत्ता, शिक्षकों की अनुपस्थिति या बुनियादी ढांचे की कमी से संबंधित शिकायत इस टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके सीधे दर्ज करा सकता है. इस पहल से जमीनी स्तर पर स्कूलों की मॉनिटरिंग मजबूत होगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर नंबर प्रदर्शित नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.

मुजफ्फरपुर से विनय की रिपोर्ट

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सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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