बिहार की ई-ग्राम कचहरी में 28 हजार मामले लंबित, न्याय व्यवस्था पर सवाल

Muzaffarpur News: बिहार की ई-ग्राम कचहरी व्यवस्था में 28 हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं। पंचायत स्तर पर न्याय देने की व्यवस्था सुस्त पड़ गई है। पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों को मामलों के जल्द निष्पादन और रोजाना पोर्टल अपडेट करने का निर्देश दिया है। पढ़ें पूरी खबर…

मुजफ्फरपुर से प्रभात कुमार की रिपोर्ट

Muzaffarpur News: ग्रामीण स्तर पर लोगों को जल्दी और सुलभ न्याय देने के लिए शुरू की गई ई-ग्राम कचहरी व्यवस्था अब खुद सुस्ती का शिकार होती नजर आ रही है। पंचायत स्तर पर विवादों के समाधान के लिए बनाए गए इस डिजिटल सिस्टम में हजारों मामले लंबित पड़े हैं। मामलों के निष्पादन की धीमी रफ्तार पर अब पंचायती राज विभाग ने भी नाराजगी जताई है।

28 हजार से ज्यादा मामले अब भी लंबित

राज्यभर में ई-ग्राम कचहरी पोर्टल पर कुल 57 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से अब तक सिर्फ करीब 29 हजार मामलों का ही निपटारा हो पाया है, जबकि 28,366 मामले अभी भी लंबित हैं। लंबित मामलों में बड़ी संख्या फौजदारी केसों की है।

सिर्फ आधे मामलों का हुआ निष्पादन

समीक्षा के दौरान सामने आया कि राज्य में औसतन केवल 50 प्रतिशत मामलों का ही निष्पादन हो सका है। पंचायती राज विभाग के सचिव ने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए कहा कि अगर यही हाल रहा तो ग्राम कचहरी का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।

मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में हाल खराब

रिपोर्ट के मुताबिक अकेले मुजफ्फरपुर जिले में 400 से ज्यादा मामले लंबित हैं। कई जिलों में मामलों के निपटारे की गति बेहद धीमी पाई गई है, जिससे ग्रामीणों को न्याय मिलने में देरी हो रही है।

पोर्टल पर रोज अपडेट करनी होगी प्रोग्रेस रिपोर्ट

पंचायती राज विभाग ने अब सख्त रुख अपनाया है। सभी जिला पंचायती राज पदाधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही हर दिन की प्रोग्रेस रिपोर्ट ई-ग्राम कचहरी पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है।

क्यों शुरू की गई थी ई-ग्राम कचहरी व्यवस्था?

बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 के तहत ग्राम कचहरियों को दीवानी और फौजदारी मामलों की सुनवाई का अधिकार मिला था। वर्ष 2024 में इसे डिजिटल बनाते हुए ई-ग्राम कचहरी पोर्टल शुरू किया गया, ताकि गांव के लोगों को छोटे विवादों के लिए कोर्ट-कचहरी के चक्कर न लगाने पड़ें।

आंकड़ों में समझिए स्थिति

  • कुल दर्ज मामले: 57,112
  • दीवानी मामले: 31,112
  • फौजदारी मामले: 26,428
  • कुल निष्पादित मामले: 29,174
  • लंबित मामले: 28,366

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लेखक के बारे में

Published by: Aniket Kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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