Muzaffarpur News: स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 में मुजफ्फरपुर नगर निगम लगातार सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसी कड़ी में चल रहे सर्वेक्षण के तहत नागरिकों द्वारा फीडबैक और सुझाव देने के मामले में मुजफ्फरपुर के लोग पूरे सूबे में पहले पायदान पर पहुंच गए हैं. शहर से रिकॉर्ड 5138 लोगों ने अपने सुझाव दिए हैं, जबकि राजधानी पटना 5122 सुझावों के साथ दूसरे नंबर पर है. इसके बाद भागलपुर से 4824, भोजपुर से 4244, हाजीपुर से 4177 और जमालपुर से 4005 लोगों ने अपनी राय दर्ज कराई है.
शहर को सुंदर बनाने की कवायद, पर बुनियादी चुनौतियां बरकरार
स्वच्छता सर्वेक्षण के अलग-अलग मानकों पर मुजफ्फरपुर नगर निगम तेजी से कदम बढ़ा रहा है. शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए दीवारों पर आकर्षक वॉल पेंटिंग और स्वच्छता संदेश उकेरे जा रहे हैं. इसके साथ ही केंद्रीय निरीक्षण के दौरान 1500 ‘दृश्य स्वच्छता’ अंक सुरक्षित करने के लिए नगर निगम विशेष सफाई अभियान भी चला रहा है. इस सकारात्मक बदलाव के बीच निगम के सामने बुनियादी चुनौतियां अब भी बड़ी समस्या बनी हुई हैं.
उपकरणों की कमी और कचरे का पहाड़ बना बड़ी बाधा
49 वार्डों वाले इस शहर में झाड़ू, कुदाल और तगाड़ी जैसे बुनियादी सफाई उपकरणों की भारी किल्लत है. सबसे बड़ी मुसीबत शहर से 12 किलोमीटर दूर रौतनिया डंपिंग यार्ड है, जहां लगभग एक लाख टन कचरे का पहाड़ खड़ा है. कचरा निष्पादन की इस लचर व्यवस्था के कारण निगम को सर्वेक्षण में कम अंक मिलने की आशंका है. नगर निगम ने नागरिकों से इस अभियान में भागीदार बनने की अपील की है और सफाई से जुड़ी समस्या के लिए आधिकारिक टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने को कहा है.
मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट
