मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: बढ़ती गर्मी के साथ जिले में एक बार फिर चमकी बुखार यानी एईएस को लेकर लोगों की चिंता बढ़ने लगी है. खासकर छोटे बच्चों की माताएं काफी डरी हुई हैं. हालात ऐसे हैं कि बच्चों को हल्का बुखार होने पर भी परिजन घबराकर तुरंत अस्पताल पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक इन दिनों ओपीडी में आने वाली अधिकांश माताओं का पहला सवाल यही होता है कि कहीं बच्चे को एईएस तो नहीं हो गया.
अब तक 31 बच्चे एईएस की चपेट में
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में अब तक 31 बच्चे एईएस से प्रभावित हो चुके हैं. इनमें 17 बच्चे इसी जिले के हैं, जबकि बाकी मरीज उत्तर बिहार के अलग-अलग जिलों से इलाज के लिए लाए गए हैं. बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है.
डॉक्टरों ने कहा- घबराएं नहीं, सतर्क रहें
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल शंकर सहनी ने कहा कि हर बुखार एईएस नहीं होता, इसलिए डरने की जरूरत नहीं है. उन्होंने अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को तेज धूप में बाहर खेलने से बचाएं और रात में कभी खाली पेट न सुलाएं.
बच्चों को पर्याप्त पानी और मीठा भोजन दें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों को समय-समय पर पानी, ओआरएस, नींबू पानी और मीठा भोजन देना जरूरी है, ताकि शरीर में पानी और शुगर की कमी न हो. अगर बच्चे को तेज बुखार के साथ चमकी या बेहोशी जैसी स्थिति हो तो तुरंत अस्पताल ले जाएं.
जागरूकता और समय पर इलाज ही बचाव
डॉक्टरों का कहना है कि एईएस से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और समय पर इलाज है. थोड़ी सी लापरवाही बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है.
