Muzaffarpur Double Murder: मिठनपुरा स्थित रामबाग में हुए रिटायर्ड बैंक अफसर अशोक कुंवर और उनकी पत्नी नीलम कुंवर के दोहरे हत्याकांड की पटकथा किसी रोंगटे खड़े कर देने वाली थ्रिलर फिल्म जैसी है. 72 घंटे का वक्त बीत चुका है, लेकिन पुलिस की एसआईटी (SIT) के पास अब तक सिर्फ अनसुलझे सवाल हैं. कातिल कितना शातिर था, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह न सिर्फ दंपती का कत्ल कर गया, बल्कि घर और लॉकर की चाबियों का गुच्छा और तीन मोबाइल फोन भी अपने साथ ले उड़ा.
टोपी और मास्क पहनकर सामान खरीदने से लेकर 'वन टाइम सिम' के इस्तेमाल तक—जानिए इस सनसनीखेज वारदात से जुड़े 10 सबसे बड़े और चौंकाने वाले खुलासे...
मोबाइल, चाबियां गायब और फर्जी पहचान का इस्तेमाल
जांच में नया मोड़ तब आया जब पता चला कि कातिल दंपती के तीन मोबाइल फोन और घर व लॉकर की चाभियों का गुच्छा भी साथ ले गए हैं. कातिल ने सुपारी किलिंग को अंजाम देने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति के पहचान पत्र का गलत इस्तेमाल कर 'वन टाइम सिम कार्ड' हासिल किया था. ऑटो से रेंट पर कमरा शिफ्ट करने पहुंचा आरोपी वारदात को अंजाम देकर ई-रिक्शा से फरार हो गया.
एसटीएफ की एंट्री और सीसीटीवी से सुराग की तलाश
मामले में एसटीएफ (STF) की टीम भी सक्रिय हो गई है. डीआईयू की टीम खादी भंडार चौक से लेप्रोसी मिशन तक और स्मार्ट सिटी के कमांड रूम से सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. जांच में खुलासा हुआ कि कातिल ने बीएमपी-06 के पास से टोपी और मास्क पहनकर बाल्टी, मग और हत्या में इस्तेमाल रस्सी खरीदी थी.
8 साल के बैंक डिटेल्स और डायरी खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने सिकंदरपुर, सकरा और कांटी से 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया है. एएसपी टाउन-1 और पुलिस टीम ने मृतक के बेटे-बेटी से संपत्ति विवाद व पैसों के लेन-देन समेत 12 बिंदुओं पर पूछताछ की है. पुलिस मृतक के पिछले 8 सालों के बैंक ट्रांजेक्शन और कमरे से मिली पुरानी डायरी के हिसाब-किताब की जांच में जुटी है.
ये भी पढ़ें: नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल से बड़ा फर्जीवाड़ा, 31 छात्रों पर एफआईआर
