Muzaffarpur News: बिहार में जमीन निबंधन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के उद्देश्य से शुरू की गई निबंधन-पूर्व भूमि सत्यापन व्यवस्था शुरुआती दौर में ही अधिकारियों की उदासीनता का शिकार होती दिख रही है. सात निश्चय-3 के तहत लागू इस डिजिटल सुविधा की समीक्षा रिपोर्ट में सामने आया है कि अंचल अधिकारियों (सीओ) और राजस्व अधिकारियों की लापरवाही के कारण एक भी आवेदन का समय पर निष्पादन नहीं हो सका.
164 आवेदन आए, 63 बिना जांच के लौटे
22 जुलाई तक की विभागीय समीक्षा के अनुसार कुल 164 आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें से 63 आवेदन निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद बिना किसी जांच रिपोर्ट के स्वतः (ऑटो फॉरवर्ड) आवेदकों को वापस हो गए, जबकि 101 आवेदन अब भी सीओ और राजस्व अधिकारियों के पोर्टल पर लंबित हैं.
इससे स्पष्ट है कि जमीन की अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने में मैदानी स्तर पर अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जा रही है.
प्रमुख आंकड़े
| स्थिति | संख्या | विवरण |
| कुल प्राप्त आवेदन | 164 | जमीन की अद्यतन स्थिति जानने के लिए आवेदन |
| बिना जांच ऑटो फॉरवर्ड | 63 | समय सीमा समाप्त होने पर बिना सत्यापन लौटे |
| पोर्टल पर लंबित | 101 | सीओ/राजस्व अधिकारी स्तर पर कार्रवाई लंबित |
11 जुलाई को शुरू हुई थी नई व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने 11 जुलाई को इस डिजिटल सुविधा का शुभारंभ किया था. इसका उद्देश्य था कि जमीन खरीदने या निबंधन कराने से पहले कोई भी व्यक्ति संबंधित अंचल कार्यालय से आवेदन देकर उस भूमि की अद्यतन स्थिति, म्यूटेशन, विवाद, सरकारी रोक अथवा अन्य कानूनी जानकारी प्राप्त कर सके.
हालांकि, योजना शुरू होने के महज 12 दिनों के भीतर ही समीक्षा में अधिकारियों की उदासीनता सामने आ गई.
विभाग ने जिलाधिकारियों से मांगी निगरानी
मामले को गंभीर मानते हुए निबंधन विभाग ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव को पत्र भेजकर संबंधित अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का अनुरोध किया है.
साथ ही सभी जिला अवर निबंधक एवं अवर निबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपर समाहर्ता (भूमि सुधार) तथा संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराएं.
इसके अलावा सभी जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे साप्ताहिक अथवा पाक्षिक समीक्षा बैठकों में इस व्यवस्था की प्रगति की निगरानी करें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें.
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