Fake Judicial Stamp Paper: मुजफ्फरपुर कचहरी परिसर में फर्जी ज्यूडिशियल स्टांप बेचे जाने के गंभीर मामले का खुलासा हुआ है . जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष द्वारा फर्जी स्टांप पकड़े जाने के बाद जिलाधिकारी (DM) के सख्त निर्देश पर बुधवार को प्रशासनिक और पुलिस टीम ने कचहरी परिसर में ताबड़तोड़ छापेमारी की . इस अचानक हुई कार्रवाई से परिसर में हड़कंप मच गया .
Muzaffarpur Court: एसडीओ और पुलिस टीम ने की सघन जांच
जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीओ पूर्वी, एसडीपीओ टाउन वन और कार्यपालक दंडाधिकारी (पूर्वी) राजू कुमार ने कचहरी परिसर में संचालित विभिन्न दुकानों और गुमटियों में औचक जांच अभियान चलाया . इस दौरान प्रशासनिक टीम ने करीब आधा दर्जन गुमटियों से भारी मात्रा में संदिग्ध ज्यूडिशियल स्टांप जब्त किए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है .
SDO East Muzaffarpur: बंद पड़ा था अधिकृत काउंटर, लिंक फेल का लगा था बोर्ड
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकृष्ण ठाकुर उर्फ रामबाबू ठाकुर ने बताया कि कचहरी परिसर में स्थित अधिकृत स्टांप काउंटर पिछले कई दिनों से बंद पड़ा था और उस पर 'लिंक फेल' का बोर्ड टांग दिया गया था . अधिकृत काउंटर बंद रहने की आड़ में अनधिकृत रूप से फर्जी स्टांप बेचे जा रहे थे . हालांकि, प्रशासनिक सख्ती के बाद बुधवार को अधिकृत काउंटर पर फ्रैंकिंग मशीन के जरिए ही कतारबद्ध तरीके से टिकटों की वैध बिक्री शुरू कराई गई .
प्रधान जिला जज ने लगाई फटकार, दिए कड़े निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधान जिला जज ने फ्रैंकिंग मशीन के संचालक और अन्य वेंडरों को तलब कर जमकर क्लास लगाई . जिला बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार ओझा ने बताया कि प्रधान जिला जज ने आदेश दिया है कि केवल पंजीकृत एवं लाइसेंसी वेंडर ही परिसर में टिकट और स्टांप बेच सकेंगे . फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है और फर्जी स्टांप नेटवर्क के सरगना की तलाश की जा रही है .
