साहू पोखर से गरीबनाथ मंदिर तक बदलेगा पूरा इलाका, बाबा गरीबनाथ कॉरिडोर का मास्टर प्लान तैयार

Muzaffarpur Baba Garibnath Corridor: मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ धाम को बनारस और देवघर की तर्ज पर विकसित करने की योजना तेज हो गई है. ₹14.32 करोड़ के प्रस्तावित आध्यात्मिक कॉरिडोर के लिए पर्यटन विभाग की टीम ने स्थल निरीक्षण किया.

Muzaffarpur Baba Garibnath Corridor: श्रावणी मेले से पहले मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ धाम को विश्वस्तरीय धार्मिक और पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो गई है. पर्यटन विभाग ने लगभग ₹14.32 करोड़ की प्रस्तावित बाबा गरीबनाथ आध्यात्मिक विरासत कॉरिडोर योजना पर काम तेज कर दिया है. शनिवार को पर्यटन विभाग के संयुक्त सचिव प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में उच्चस्तरीय टीम ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया.

निरीक्षण से पहले अधिकारियों ने बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की. इसके बाद मास्टर प्लान के आधार पर साहू पोखर, मुख्य प्रवेश द्वार, मंदिर परिसर, प्रस्तावित ग्लास ब्रिज और श्रद्धालुओं की आवाजाही से जुड़े विभिन्न बिंदुओं का जायजा लिया.

नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह, पूर्वी एसडीओ तुषार कुमार, सिटी मैनेजर रीतेश कुमार, पर्यटन विभाग के आर्किटेक्ट, स्मार्ट सिटी परियोजना के अधिकारी और इंजीनियर भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे. अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित डिजाइन में संशोधन के बाद परियोजना की लागत वर्तमान अनुमान से दो से तीन गुना तक बढ़ सकती है.

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अब खत्म होंगी वर्षों पुरानी समस्याएं

बाबा गरीबनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को आज भी संकरी गलियां, अतिक्रमण, लटकते बिजली के तार, अव्यवस्थित दुकानें और पार्किंग जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. वहीं ऐतिहासिक साहू पोखर भी लंबे समय से उपेक्षित है.

नई योजना के तहत इन समस्याओं का समाधान करते हुए पूरे क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के अनुरूप विकसित किया जाएगा. इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय कारोबार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.

‘जल से ज्योत तक’ होगी श्रद्धालुओं की यात्रा

परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘जल से ज्योत तक’ थीम है.

योजना के अनुसार श्रद्धालुओं की यात्रा साहू पोखर से शुरू होगी और वहां से एक सुव्यवस्थित आध्यात्मिक मार्ग के जरिए बाबा गरीबनाथ मंदिर तक पहुंचेगी. पूरी यात्रा को धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव के रूप में विकसित किया जाएगा.

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चार प्रमुख आधारों पर तैयार हुआ मास्टर प्लान

पूरे कॉरिडोर की अवधारणा चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है.

प्रमुख थीमप्रस्तावित व्यवस्था
जल से वंदना तकसाहू पोखर से मंदिर तक आध्यात्मिक कॉरिडोर
जल ही पहचानसाहू पोखर का सौंदर्यीकरण और पुनर्जीवन
विरासत और आजीविकाहेरिटेज मार्केट और स्थानीय शिल्प को बढ़ावा
श्रद्धालु सर्वोपरिसुरक्षित पैदल मार्ग, दिव्यांग सुविधा, आधुनिक शौचालय और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर

तीन हिस्सों में बनेगा पूरा कॉरिडोर

पूरे प्रोजेक्ट को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा.

क्षेत्रप्रस्तावित विकास
प्रथम क्षेत्रसाहू पोखर के आसपास लगभग 330 मीटर क्षेत्र
द्वितीय क्षेत्रसाहू पोखर से जुड़े लगभग 230 मीटर मार्ग का विकास
तृतीय क्षेत्रमंदिर के सामने 140 से 70 मीटर क्षेत्र का विस्तार और सौंदर्यीकरण

दो भव्य प्रवेश द्वार होंगे आकर्षण का केंद्र

परियोजना के तहत गांधी चौक पर लगभग 24 फीट चौड़ा और दो मंजिला भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा. इसमें बलुआ पत्थर की नक्काशी, पीतल की कलाकृतियां, भगवान शिव के त्रिशूल से प्रेरित डिजाइन और आकर्षक एलईडी लाइटिंग होगी.

दूसरा प्रवेश द्वार पुरानी बाजार चौक पर प्रस्तावित है. यहां भगवान शिव के त्रिपुंड और विशाल पीतल के त्रिशूल की कलात्मक संरचना बनाई जाएगी.

प्रशासन मक्खन साह चौक के समीप एक अतिरिक्त प्रवेश द्वार बनाने की संभावना पर भी विचार कर रहा है.

ग्राफिक्स

मूर्तिकला उद्यान और नया मंदिर फ्रंट

मंदिर मार्ग पर आधुनिक स्कल्प्चर गार्डन (मूर्तिकला उद्यान) विकसित किया जाएगा. यहां भगवान शिव से जुड़े प्रतीकों की भव्य मूर्तियां, आकर्षक लाइटिंग, हरित क्षेत्र, प्रसाद और हस्तशिल्प की व्यवस्थित दुकानें तथा आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं विकसित होंगी.

इसके अलावा बाबा गरीबनाथ मंदिर के मुख्य अग्रभाग का भी नया स्वरूप तैयार किया जाएगा. प्रस्ताव में मंदिर परिसर के ऊपरी हिस्से में एक आधुनिक सामुदायिक सभागार बनाने की योजना भी शामिल है.

सांकेतिक तस्वीर

स्थानीय कारोबार को मिलेगा बड़ा फायदा

कॉरिडोर बनने के बाद मंदिर क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है. इसका सीधा लाभ स्थानीय दुकानदारों, होटल व्यवसाय, प्रसाद विक्रेताओं, हस्तशिल्प कारोबारियों और छोटे व्यापारियों को मिलेगा.

योजना में विरासत बाजार विकसित करने का प्रस्ताव भी शामिल है, जिससे स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को नई पहचान मिल सकेगी.

नगर निगम से मिल चुकी है मंजूरी

बाबा गरीबनाथ कॉरिडोर का विचार सबसे पहले नगर निगम बोर्ड की बैठक में सामने आया था. तत्कालीन नगर आयुक्त विक्रम विरकर और महापौर निर्मला साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में वार्ड पार्षद केपी पप्पू ने कॉरिडोर निर्माण का प्रस्ताव रखा था.

सशक्त स्थायी समिति और नगर निगम बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया. अब पर्यटन विभाग ने स्थल निरीक्षण और मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

अब आगे क्या होगा

पर्यटन विभाग निरीक्षण के बाद मास्टर प्लान में आवश्यक संशोधन करेगा. इसके बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) को अंतिम रूप देकर प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

यदि सभी मंजूरियां समय पर मिलती हैं, तो आने वाले समय में बाबा गरीबनाथ धाम उत्तर बिहार के सबसे बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है.

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By Aaruni Thakur

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