मोतीपुर चीनी मिल दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया तेज, 20 अमीन करेंगे 266 एकड़ जमीन का सीमांकन

मोतीपुर में बंद पड़ी चीनी मिल को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। चार गांवों की 266 एकड़ जमीन पर मिल की स्थापना की जाएगी। जमीन की मापी और सीमांकन का कार्य शुरू हो गया है.

Motipur Sugar Mill: मोतीपुर में लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिल को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है.सोमवार से चिह्नित जमीन के सीमांकन का कार्य शुरू कर दिया गया है.मंगलवार से विधिवत भूमि की मापी कराई जाएगी.पहले दिन मोतीपुर सीओ और अमीन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया.

चार गांवों की 266 एकड़ जमीन पर बनेगी मिल

विभागीय जानकारी के अनुसार पचरूखी,बरियारपुर,बखरा और मोतीपुर मौजा की कुल 266 एकड़ जमीन पर चीनी मिल की स्थापना की जाएगी.यह जमीन फिलहाल इंडियन पोटाश लिमिटेड के पास है,जिसे अब वापस लिया जा रहा है.प्रशासन ने मापी के लिए 20 अमीनों को तैनात किया है.अमीन पूरी जमीन का वैज्ञानिक नजरी नक्शा तैयार करेंगे,जिसे गन्ना उद्योग विभाग को भेजा जाएगा.

4 दिनों की डेडलाइन, 3 की जगह 20 अमीन संभालेंगे कमान

प्रशासन ने जमीन मापी और नजरी नक्शा तैयार करने के लिए चार दिनों का लक्ष्य निर्धारित किया है.शुरुआत में केवल तीन अमीन तैनात थे,लेकिन जमीन का बड़ा दायरा देखते हुए सीओ की मांग पर अमीनों की संख्या बढ़ाकर 20 कर दी गई है.

कम हो सकता है चीनी मिल का रकबा

अपर समाहर्ता (राजस्व) कुमार प्रशांत ने बताया कि 266 एकड़ में से कुछ हिस्सों पर पूर्व में ही अन्य इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं.इस वजह से मूल रकबा थोड़ा कम हो सकता है.फिलहाल बची हुई शेष जमीन की मापी कराकर रिपोर्ट जल्द विभाग को सौंपी जाएगी.

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लेखक के बारे में

प्रभात कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रभात का 18 वर्षों का अनुभव है. प्रशासनिक नीतियों के विश्लेषण, राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता में इनकी रुचि है. जटिल विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की इनमें क्षमता है.

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