Poultry farming: मुजफ्फरपुर में मुर्गी पालन के व्यवसाय को बढ़ावा देने और पशुपालकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए सरकार एक बड़ी पहल करने जा रही है. मुजफ्फरपुर के बेला स्थित पशुपालन विभाग की जमीन पर 13 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर बिहार का सबसे बड़ा क्षेत्रीय मुर्गीपालन प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा. यहां एक विशाल भवन और आधुनिक हॉल का निर्माण किया जाएगा, जिसका निर्माण कार्य इसी वर्ष पूरा होने की संभावना है. इस केंद्र के बनने से मुजफ्फरपुर के अलावा सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और वैशाली जिले के युवाओं व किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा.
आधुनिक तकनीक से मिलेगा प्रशिक्षण, सब्सिडी के लिए सर्टिफिकेट होगा जरूरी
इस प्रशिक्षण केंद्र में किसानों, बेरोजगार युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों और नए उद्यमियों को वैज्ञानिक व व्यावसायिक तरीके से मुर्गी पालन की पूरी जानकारी दी जाएगी. इसमें बॉयलर व लेयर मुर्गी पालन, चूजों का रखरखाव, संतुलित आहार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण, शेड प्रबंधन, हैचरी मैनेजमेंट और अंडा उत्पादन बढ़ाने के तरीके शामिल होंगे. इसके अलावा, विशेषज्ञों द्वारा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, बैंक लोन और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी. सरकारी अनुदान (सब्सिडी) पर मुर्गी पालन इकाई स्थापित करने के लिए यह प्रशिक्षण प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है.
रोजगार और मांस-अंडा उत्पादन को मिलेगा नया आयाम
जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. एमके मेहता ने बताया कि बेला में फिलहाल छोटे स्तर पर प्रशिक्षण केंद्र चल रहा है. अब 13 करोड़ की लागत से नए बहुमंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा. अब तक किसानों को ट्रेनिंग के लिए दूर जाना पड़ता था, लेकिन क्षेत्रीय केंद्र बनने से स्थानीय स्तर पर ही यह सुविधा मिलेगी. विभाग का मानना है कि इस केंद्र से उत्तर बिहार में वैज्ञानिक मुर्गीपालन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र में अंडा व मांस उत्पादन में भारी बढ़ोतरी होगी.
