मुजफ्फरपुर: ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश के बाद भी किसान परेशान, ₹200 प्रति घंटा की दर से पटवन कर धान रोपनी को मजबूर

मुजफ्फरपुर के किसान बारिश के बावजूद धान की रोपनी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। खेतों में पर्याप्त पानी न होने के कारण उन्हें महंगे पंपसेट का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत बढ़ गई है।

Paddy cultivation irrigation issue: मुजफ्फरपुर के ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश होने के बाद भी किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है. खेतों में पर्याप्त पानी नहीं जमने के कारण किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हालात यह हैं कि खेतों में मात्र 25 प्रतिशत ही पानी जम सका है, जिसके चलते किसान निजी पंपसेट के सहारे ₹200 प्रति घंटा की दर से पटवन कर धान की रोपनी करने को मजबूर हैं.

लचर बिजली व्यवस्था ने बढ़ाई आफत, लगातार बढ़ रही खेती की लागत

बारिश की कमी के बीच बिजली की लचर स्थिति ने इस समस्या को और ज्यादा गंभीर बना दिया है. खेतों तक बिजली की पहुंच न होने या नियमित आपूर्ति न मिलने की वजह से किसानों पर लागत का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है. किसानों का कहना है कि खाद, बीज और महंगे पटवन को मिलाकर खेती में आने वाली कुल लागत बहुत ज्यादा हो चुकी है. इस भारी भरकम खर्च के मुकाबले कृषि कार्य में मुनाफा अब न के बराबर रह गया है.

जीविका और परंपरा बचाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे अन्नदाता

मुनाफा न होने और लगातार नुकसान झेलने के बाद भी किसान अपनी परंपरा और जीविका को बचाने के लिए खेतों में डटे हुए हैं. विपरीत हालातों और आर्थिक बोझ के बावजूद ग्रामीण इलाकों के अन्नदाता कड़ी मशक्कत कर धान की रोपनी को पूरा करने के प्रयास में जुटे हैं.


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पिछले 16 वर्षों से प्रोफेशनल फोटोग्राफी और पत्रकारिता के क्षेत्र में माधव सक्रिय हैं. बेहतर फोटोग्राफी के लिए इन्हें कई अवार्ड भी मिले हैं.

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