Manikpur sahebganj Fourlane: मानिकपुर-साहेबगंज राष्ट्रीय राजमार्ग (फोरलेन) के निर्माण को लेकर जमीन अधिग्रहण की एक और बड़ी बाधा दूर हो गई है. इस परियोजना के तहत कोदरिया मौजा में अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) अनुमोदित कर दिया गया है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना कार्यालय ने इस संबंध में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को आधिकारिक पत्र भेजा है. इसके साथ ही, एनएचएआइ ने इस जमीन के मुआवजे के लिए 72 लाख 10 हजार रुपये की राशि भी स्वीकृत कर दी है.
भू-स्वामियों को जल्द मिलेगा मुआवजा, कैंप लगाकर हो सकता है भुगतान
विभागीय सूत्रों के अनुसार, डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद अब जिला भू-अर्जन कार्यालय प्रभावित रैयतों (जमीन मालिकों) के बीच मुआवजे की राशि बांटने की तैयारी में जुट गया है. एनएचएआइ से फंड जारी होने के बाद यह उम्मीद है कि अगले कुछ हफ्तों में विशेष शिविर लगाकर या सीधे बैंक खातों के जरिए भू-स्वामियों को भुगतान कर दिया जाएगा, ताकि जमीन का भौतिक कब्जा लेकर निर्माण कार्य शुरू कराया जा सके.
जमीन मिलने से निर्माण कार्य में आएगी तेजी
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, भूमि अधिग्रहण में आ रही अड़चनों की वजह से इस कॉरिडोर की रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई थी. हालांकि, अब कोदरिया मौजा का रास्ता साफ होने और बजट आवंटित होने के बाद निर्माण एजेंसी को जमीन सौंपने (हैंडओवर) की प्रक्रिया तेज होगी. जिला प्रशासन और एनएचएआई का लक्ष्य तय समय-सीमा के भीतर इस कॉरिडोर का निर्माण पूरा करना है.
मानिकपुर-साहेबगंज फोरलेन हाईवे के बड़े फायदे
- बेहतर कनेक्टिविटी: इस फोरलेन हाईवे के चालू होने से मानिकपुर और साहिबगंज के बीच की दूरी घटेगी और सफर आसान होगा.
- आर्थिक विकास: औद्योगिक और व्यापारिक लिहाज से यह रूट गेमचेंजर साबित होगा, जिससे स्थानीय व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी.
- जाम से बड़ी मुक्ति:मुख्य शहरों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों को बाईपास मिलने के कारण सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा.
