Muzaffarpur Land Compensation: जिले के मनिकपुर-आदलबाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के मालिकों के लिए राहत भरी खबर है. जिला प्रशासन और भू-अर्जन विभाग ने अधिग्रहित जमीन के एवज में मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके लिए संबंधित जमीन मालिकों को औपचारिक नोटिस जारी कर दिया गया है.
7 अगस्त को होगी जमीन की मापी
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार सरैया अंचल अंतर्गत मनिकपुर मौजा के रैयतों को अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिया जाएगा.
- स्थलीय जांच: 7 अगस्त को अधिग्रहित जमीन की स्थलीय जांच और मापी (पैमाइश) की जाएगी.
- अधिकारियों की उपस्थिति: अंचल प्रशासन और भू-अर्जन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि रकबा और मालिकाना हक का सही मिलान हो सके.
8 अगस्त को चकइब्राहिम में लगेगा विशेष शिविर
मापी के ठीक अगले दिन यानी 8 अगस्त को सामुदायिक भवन, चकइब्राहिम में एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा. इसी शिविर में उपस्थित होकर जमीन मालिक अपने कागजात जमा करेंगे और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
भुगतान के लिए जरूरी कागजात
मुआवजा राशि प्राप्त करने के लिए रैयतों को निम्नलिखित आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रति और स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति साथ लानी होगी:
- जमीन का मालिकाना दस्तावेज: केवाला (बिक्री पत्र), खतियान या दानपत्र की कॉपी.
- अद्यतन रसीद: जमीन की नवीनतम एलपीसी (LPC) या ऑनलाइन लगान रसीद.
- पहचान पत्र: जमीन मालिक का आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो.
- बैंक विवरण व अन्य: पासबुक की कॉपी या रद्द चेक, वंशावली और शपथ पत्र.
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