पुरुष नसबंदी पखवाड़ा: मुजफ्फरपुर जिले में परिवार नियोजन को बढ़ावा देने और पुरुषों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सोमवार से विशेष पुरुष नसबंदी पखवाड़े का आगाज हो रहा है. इसके तहत सदर अस्पताल से लेकर सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) तक नसबंदी पखवाड़ा मेला आयोजित किया जाएगा. अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को ही अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. सोमवार से योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के सभी आधुनिक साधनों की संपूर्ण जानकारी देकर इच्छुक पुरुषों को नसबंदी के लिए तैयार किया जाएगा और उन्हें चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
जागरूकता के लिए चलेगा सघन मोबिलाइजेशन अभियान
अस्पताल प्रबंधक प्रवीण कुमार ने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में जन-जागरूकता पर विशेष जोर दिया जाएगा. इसके तहत 'आज ही शुरुआत करें, पति-पत्नी मिलकर परिवार नियोजन की बात करें' जैसे स्लोगन की मदद से लोगों को परिवार नियोजन का वास्तविक महत्व समझाया जाएगा.
दंपतियों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष कार्ययोजना बनाई है:
- सारथी वाहन: प्रचार वाहनों के जरिए सुदूर ग्रामीण इलाकों में ऑडियो-विजुअल संदेश प्रसारित किए जाएंगे.
- सम्मेलन का आयोजन: गांव-गांव में सास-बहू-बेटा सम्मेलन आयोजित कर सामाजिक झिझक व भ्रांतियों को दूर किया जाएगा.
- घर-घर संपर्क: स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर दस्तक देकर दंपतियों को परामर्श देंगे और योग्य पुरुषों को प्रेरित करेंगे.
बिना चीरा-टांके की 10 मिनट वाली सरल प्रक्रिया
स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा योग्य दंपतियों को यह संदेश दिया जाएगा कि पुरुष नसबंदी एक अत्यंत सुरक्षित और स्थायी गर्भनिरोधक उपाय है. इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- यह बिना चीरा और बिना टांके के होने वाली मात्र 10 मिनट की बेहद आसान प्रक्रिया है.
- नसबंदी करवाने के महज आधे घंटे बाद लाभार्थी आराम से अपने घर जा सकता है.
- इसे करवाने के बाद किसी भी प्रकार की शारीरिक कमजोरी नहीं आती और वैवाहिक जीवन पहले जैसा ही सामान्य रहता है.
वर्तमान में कई पुरुष कंडोम का विकल्प अपनाते हैं, लेकिन परिवार नियोजन को मजबूती देने के लिए पुरुषों की आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेना आवश्यक है. इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य महकमा इस विशेष पखवाड़े का आयोजन कर रहा है.
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