Muzaffarpur News: सरैया पंचायत के प्राथमिक विद्यालय पीपरा असली में सोमवार को मध्यान्ह भोजन की दाल में छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया. भोजन नव प्रयास एजेंसी की ओर से उपलब्ध कराया गया था. दाल में छिपकली देखकर बच्चों में अफरातफरी की स्थिति बन गई. कुछ बच्चों ने भोजन करना शुरू कर दिया था, जिन्हें एहतियातन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. सीएचसी प्रभारी के अनुसार जांच के दौरान किसी भी बच्चे में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण नहीं मिले और इलाज के बाद सभी को घर भेज दिया गया.
Sahebganj News: दाल में छिपकली मिलने से स्कूल में मचा हड़कंप
प्रधान शिक्षक राम ईश्वर कुमार ने बताया कि विद्यालय में मध्यान्ह भोजन पहुंचने के बाद उसे सुरक्षित रखवाया गया था. निर्धारित समय पर बच्चों को भोजन परोसा जा रहा था. इसी दौरान दाल में छिपकली पड़ी दिखाई दी.
उन्होंने बताया कि छिपकली दिखाई देने के बाद बच्चों को भोजन करने से रोक दिया गया. हालांकि, तब तक कुछ बच्चों ने खाना शुरू कर दिया था. इसके बाद सभी संबंधित बच्चों को चिकित्सकीय जांच के लिए सीएचसी भेजा गया.
39 बच्चों को सीएचसी में कराया गया भर्ती
सीएचसी प्रभारी डॉ. गणेश कुमार गोतम ने बताया कि कुल 39 बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था. चिकित्सकीय जांच के दौरान किसी भी बच्चे में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण नहीं मिले.
उन्होंने बताया कि भोजन में छिपकली देखकर बच्चे घबरा गए थे. आवश्यक उपचार और निगरानी के बाद सभी बच्चों को उनके घर भेज दिया गया.
प्रधान शिक्षक ने भोजन की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
प्रधान शिक्षक राम ईश्वर कुमार ने आरोप लगाया कि एजेंसी की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें रही हैं. उन्होंने भोजन के रखरखाव में भी लापरवाही का आरोप लगाया.
प्रधान शिक्षक के अनुसार अलग-अलग विद्यालयों में उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन में कभी-कभी कीड़ा मिलने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं. उन्होंने भोजन की गुणवत्ता और रखरखाव की नियमित जांच की जरूरत बताई.
एमडीएम प्रभारी ने आरोप से किया इनकार
वहीं, एमडीएम प्रभारी ज्ञानेश रंजन ने प्रधान शिक्षक के आरोप से अलग पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि एजेंसी की ओर से उपलब्ध कराए गए भोजन में छिपकली नहीं थी. उनके अनुसार विद्यालय में ही छिपकली दाल में पड़ी होने की संभावना है.
दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच भोजन में छिपकली मिलने की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
पुरानी शिकायतों का भी उठा मुद्दा
वार्ड सदस्य संघ के अध्यक्ष सह मध्य विद्यालय जीताछपड़ा की विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि करीब दो-तीन महीने पहले उनके विद्यालय में एजेंसी की ओर से बासी भोजन उपलब्ध कराने की शिकायत की गई थी.
उनका कहना है कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया गया. सरैया पंचायत के मुखिया सरोज कुमार ने भी विद्यालयों में घटिया भोजन उपलब्ध कराए जाने की शिकायत का उल्लेख किया.
गुणवत्ता जांच की उठी मांग
घटना के बाद विद्यालय में बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय प्रतिनिधियों ने भोजन की नियमित जांच कराने और लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
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